घिरोर (मैनपुरी)। तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत फाजिलपुर में मनरेगा मजदूरों को लंबे समय से उनके काम का भुगतान नहीं किया गया। कई बार मांग के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो मजदूर आक्रोशित हो गए। उन्होंने रोजगार सेवक के खिलाफ प्रदर्शन कर मजदूरी दिलाने की मांग की है।
शुक्रवार को जिस समय वीडियो कांफ्रेंसिंग से पीएम मोदी ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार’ अभियान की शुरूआत कर रहे थे समय की फाजिलपुर में मनरेगा मजदूर एक साल से भुगतान न होने को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। मजदूरों ने रोजगार सेवक राजन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने बताया करीब भग एक वर्ष से अधिक समय से उनका भुगतान रुका है। इससे उन्हें समस्या आ रही है। श्रमिक किशन लाल ने बताया कि उसकी पंद्रह दिन की मजदूरी अगस्त 2019 से नहीं मिली। इसी तरह दिनेश राठौर की नौ दिन की मजदूरी छह माह से बाकी है। उनका आरोप है कि रोजगार सेवक बिना काम किए ही अन्य मजदूरों के खाते में धनराशि डालकर निकाल लेता है, लेकिन उनका भुगतान नहीं किया जाता है। ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी से भुगतान कराने की मांग की है। मांग करने वालों में मुन्ना सेठ, रघुवीर सेठ, राकेश सिंह, रामवरन सिंह, राजेश यादव, प्रदीप कुमार, चंचल कुमार, शिवकुमार यादव, अजय यादव, सुखवीर सिंह आदि शामिल हैं।