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कार्बाइड से पकाया जा रहा था आम, जांच के लिए सैंपल प्रयोगशाला भेजा
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फिरोजाबाद। शिकोहाबाद में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने फल कारोबारी के प्रतिष्ठान पर छापा मारा। यहां ईथायलिन के पैकेट में प्रतिबंधित कार्बाइड रखकर आम पकाने की आशंका पर टीम ने सैंपल लिया है। खाद्य विभाग की टीम को शक होने पर पदार्थ को जांचा तो कार्बाइड जैसी गंध आई। टीम ने जांच के लिए प्रयोगशाला में नमूना भेज दिया है।
शिकोहाबाद के एटा रोड पर संजीव कुमार के फल के प्रतिष्ठान पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापा मारा। जिला अभिहित अधिकारी ने बताया कि मौके पर कच्चे आम पकाए जा रहे थे। जब आम की पेटी में जांच की तो वहां पैकेटों में एक पदार्थ मिला। जिस पर ईथायलिन अंकित था। ईथायलिन से आम पकाना नियम में है। खाद्य निरीक्षक ने ईथायलिन पैकेट पर गौर किया तो निर्माता का नाम, पता अंकित नहीं था। ऐसे में खाद्य विभाग की टीम ने पैकेट में रखे पदार्थ को जांचने के लिए पानी में रखा तो कार्बाइड जैसी गंध आने लगी। टीम ने वीडियोग्राफी कर फल कारोबारी के यहां से पदार्थ का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा है। जिला अभिहित अधिकारी डा. सुधीर कुमार ने बताया कि आम को जल्द पकाने के लिए कार्बाइड का इस्तेमाल किया जाता है। जो नियम विरुद्ध है। कार्बाइड से पके आम का सेवन करने से आंखों की रोशनी में दिक्कत आ जाती है। वहीं, लीवर भी खराब हो जाता है।
नगला बीच में दुकानों पर की रजिस्ट्रेशन की जांच
खाद्य विभाग की टीम ने नगला बीच में चेकिंग अभियान चलाया गया। यहां किराना, रेस्टारेंट और मेडिकल स्टोर पर खाद्य विभाग में पंजीकरण की जांच की। जिन दुकानों पर पंजीकरण नहीं मिला, उनको नोटिस दिया है। अभिहित अधिकारी ने बताया कि जिन दुकानों पर पंजीकरण नहीं होगा, उनके चालान काटे जाएंगे।
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शिकोहाबाद के एटा रोड पर संजीव कुमार के फल के प्रतिष्ठान पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापा मारा। जिला अभिहित अधिकारी ने बताया कि मौके पर कच्चे आम पकाए जा रहे थे। जब आम की पेटी में जांच की तो वहां पैकेटों में एक पदार्थ मिला। जिस पर ईथायलिन अंकित था। ईथायलिन से आम पकाना नियम में है। खाद्य निरीक्षक ने ईथायलिन पैकेट पर गौर किया तो निर्माता का नाम, पता अंकित नहीं था। ऐसे में खाद्य विभाग की टीम ने पैकेट में रखे पदार्थ को जांचने के लिए पानी में रखा तो कार्बाइड जैसी गंध आने लगी। टीम ने वीडियोग्राफी कर फल कारोबारी के यहां से पदार्थ का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा है। जिला अभिहित अधिकारी डा. सुधीर कुमार ने बताया कि आम को जल्द पकाने के लिए कार्बाइड का इस्तेमाल किया जाता है। जो नियम विरुद्ध है। कार्बाइड से पके आम का सेवन करने से आंखों की रोशनी में दिक्कत आ जाती है। वहीं, लीवर भी खराब हो जाता है।
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नगला बीच में दुकानों पर की रजिस्ट्रेशन की जांच
खाद्य विभाग की टीम ने नगला बीच में चेकिंग अभियान चलाया गया। यहां किराना, रेस्टारेंट और मेडिकल स्टोर पर खाद्य विभाग में पंजीकरण की जांच की। जिन दुकानों पर पंजीकरण नहीं मिला, उनको नोटिस दिया है। अभिहित अधिकारी ने बताया कि जिन दुकानों पर पंजीकरण नहीं होगा, उनके चालान काटे जाएंगे।
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