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Agra News: फर्जी दस्तावेज लगाकर बैंक से लिया कार लोन, प्राथमिकी दर्ज
Sat, 10 Jan 2026 02:26 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 10 Jan 2026 02:26 AM IST
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आगरा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एडीए जयपुर हाउस शाखा के प्रबंधक ने एक पुराने कार लोन में फर्जीवाड़े का आरोप लगाकर न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया। सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंचम के आदेश पर थाना लोहामंडी में लोन लेने वाले और कार शोरूम संचालक पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।बैंक की मुख्य प्रबंधक श्रुति करण ने प्रार्थनापत्र देकर न्यायालय को बताया कि स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर के एसबीआई में विलय के बाद पुराने ऋण खातों की वसूली का काम एसबीआई पर आया। इसी क्रम में जांच में पता चला कि राहुल चौधरी (निवासी न्यू मधु नगर, सदर) ने वर्ष 2012 में मारुति स्विफ्ट वीडीआई कार खरीदने के लिए 6.48 लाख रुपये का कार लोन लिया था।
बैंक ने लोन की राशि प्रेम मोटर्स, संजय प्लेस के नाम से जारी की थी। लोन की शर्तों के तहत वाहन का स्वामित्व बैंक के पक्ष में आरटीओ में दर्ज कराया जाना था और आरसी व बीमा संबंधी दस्तावेज बैंक को सौंपे जाने थे, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।
आरटीओ से आरटीआई के माध्यम से मिली जानकारी में सामने आया कि वाहन से जुड़े कई दस्तावेज फर्जी हैं और उनका कोई रिकॉर्ड आरटीओ में दर्ज नहीं है। बैंक का आरोप है कि राहुल चौधरी और शोरूम संचालक ने आपसी साठगांठ कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से धोखाधड़ी की और लोन की राशि का गलत इस्तेमाल किया।
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पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली गई। इंस्पेक्टर लोहामंडी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
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बैंक ने लोन की राशि प्रेम मोटर्स, संजय प्लेस के नाम से जारी की थी। लोन की शर्तों के तहत वाहन का स्वामित्व बैंक के पक्ष में आरटीओ में दर्ज कराया जाना था और आरसी व बीमा संबंधी दस्तावेज बैंक को सौंपे जाने थे, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।
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आरटीओ से आरटीआई के माध्यम से मिली जानकारी में सामने आया कि वाहन से जुड़े कई दस्तावेज फर्जी हैं और उनका कोई रिकॉर्ड आरटीओ में दर्ज नहीं है। बैंक का आरोप है कि राहुल चौधरी और शोरूम संचालक ने आपसी साठगांठ कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक से धोखाधड़ी की और लोन की राशि का गलत इस्तेमाल किया।
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पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली गई। इंस्पेक्टर लोहामंडी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की जा रही है।