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फ्रेट कॉरीडोर पर 29 दिसंबर से दौड़ेगी मालगाड़ियां, तैयारियां पूरी
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टूंडला (फिरोजाबाद)। रेलवे की महत्वाकांक्षी योजना डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर (डीएफसी) ट्रैक पर मालगाड़ियों का संचालन 29 दिसंबर से शुरू हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग से योजना का शुभारंभ करेंगे और एक साथ ही न्यू खुर्जा (बुलदंशहर) और न्यू भाऊपुर (कानपुर) से मालगाड़ियां भी रवाना करेंगे। इसको लेकर रेलवे ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर पर पहले चरण में कानपुर से खुर्जा के बीच मालगाड़ियों का संचालन किया जाएगा। इससे दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों का दबाव कम होगा तथा मेल, एक्सप्रेस ट्रेनें बिना किसी बाधा के 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। पहले यात्री ट्रेनें 100 किमी की रफ्तार से दौड़ रही थी। इसके साथ ही अब यात्रियों को गाड़ियों के अक्सर लेटलतीफी की समस्या से भी निजात मिलेगी।
ट्रैक निर्माण पर 80 करोड़ की लागत
टूंडला। फ्रेट कॉरीडोर के लिए नए ट्रैक के निर्माण पर करीब 80 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस पर मालगाड़ियों का सफल ट्रायल भी हो चुका है। डीएफसी के संचालन से न केवल अलग से मालगाड़ियों को अपना नया ट्रैक मिलेगा अपितु मालगाड़ियां 100 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से भी दौड़ सकेंगी।
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डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर पर पहले चरण में कानपुर से खुर्जा के बीच मालगाड़ियों का संचालन किया जाएगा। इससे दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों का दबाव कम होगा तथा मेल, एक्सप्रेस ट्रेनें बिना किसी बाधा के 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। पहले यात्री ट्रेनें 100 किमी की रफ्तार से दौड़ रही थी। इसके साथ ही अब यात्रियों को गाड़ियों के अक्सर लेटलतीफी की समस्या से भी निजात मिलेगी।
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ट्रैक निर्माण पर 80 करोड़ की लागत
टूंडला। फ्रेट कॉरीडोर के लिए नए ट्रैक के निर्माण पर करीब 80 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस पर मालगाड़ियों का सफल ट्रायल भी हो चुका है। डीएफसी के संचालन से न केवल अलग से मालगाड़ियों को अपना नया ट्रैक मिलेगा अपितु मालगाड़ियां 100 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से भी दौड़ सकेंगी।
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