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एमएसएमई बना रही है डाटा बैंक, मिलेगा हर यूनिट के उत्पाद का ब्योरा
अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 11 May 2016 01:22 AM IST
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एमएसएमई बना रही है डाटा बैंक, मिलेगा हर यूनिट के उत्पाद का ब्योरा
- फोटो : Amar Ujala
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जितेंद्र जैसे युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने और उनकी मुश्किलें दूर करने के लिए एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम संस्थान) डाटा बैंक बना रही है, जिसे वेबसाइट के रूप में उपलब्ध कराया गया है। किसी भी उद्योग के लिए जो भी प्रोडक्ट या रॉ मैटेरियल चाहिए, उसका रास्ता एमएसएमई की वेबसाइट msmedatabank.in पर क्लिक करते ही मिल जाएगा। आगरा में सोमवार से डाटा बैंक में इकाइयों का रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया। पहले दो दिनों में 20 कंपनियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जबकि 100 का लक्ष्य दिया गया है। देश भर में मौजूद 30 एमएसएमई सेंटर इसे हर महीने अपडेट करेंगे। सप्लायर या मैन्यूफैक्चरर इसके जरिए पूरे देश में बन रहे उत्पादों की क्वालिटी, उपलब्धता और तकनीकी जानकारी ले सकेंगे।
डाटा बैंक में पहले महीने करीब तीन हजार कंपनियों के उत्पाद नजर आएंगे। उसके बाद हर महीने इसमें बढ़ोतरी होती रहेगी। उद्योग आधार वाली कंपनियां इस डाटा बैंक का हिस्सा बन सकती हैं। वेबसाइट पर ही इसका रजिस्ट्रेशन होना है और पासवर्ड मिलने के बाद वह देश की किसी भी कंपनी के उत्पादों का ब्योरा ले पाएंगी। आगरा की लेदर, फाउंड्री, पॉलीप्लास्ट, इंजीनियरिंग कंपोनेंट, क्राफ्ट आदि को इसका फायदा मिलेगा।
‘हर उद्यमी के लिए डाटा बैंक उपयोगी होगा। पीएसयू सीधे छोटी इकाइयों से जुड़कर उनसे मनपसंद उत्पाद खरीद सकेंगी। आगरा के उद्यमियों में डाटा बैंक से जुड़ने के लिए उत्सुकता है।
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पीकेएस राठौर
निदेशक, एमएसएमई, आगरा
उद्योग : सूबे में दूसरे नंबर पर आगरा
उद्योग के आधार पर आगरा में एमएसएमई तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश में उद्योग आधार के मामले में आगरा दूसरे नंबर पर है। यहां मंगलवार रात आठ बजे तक 5951 पंजीकरण हो चुके थे, जबकि सूबे में पहले नंबर पर गाजीपुर है, जहां 11351 इकाइयां रजिस्टर्ड हो चुकी हैं। आगरा में 5951 इकाइयों में 5620 माइक्रो, 324 स्माल और सात मीडियम श्रेणी में पंजीकृत हैं। प्रदेश की राजधानी लखनऊ इस मामले में बहुत पीछे टॉप 10 में भी नहीं है।
शहर उद्योग आधार
गाजीपुर 11351
आगरा 5951
मेरठ 3857
नोएडा 2550
कानपुर 2538
फीरोजाबाद 2112
गाजियाबाद 1640
चित्रकूट 1529
मुरादाबाद 1435
वाराणसी 1358
लखनऊ 1157
सरकारी योजनाओं का मिलेगा फायदा
आगरा में करीब 26 हजार इकाइयां है, इनमें से एमएसएमई में करीब 12500 रजिस्टर्ड हैं। अब तक 5951 ही उद्योग आधार से जुड़ी हैं। उद्योग आधार से जुड़ने वाली इकाइयों को ठीक उसी तरह से सरकारी योजनाओं का फायदा मिल सकेगा, जिस तरह से आधार कार्ड का विभिन्न सेवाओं में उपयोग हो रहा है। सब्सिडी, रिटर्न टैक्स छूट समेत कई फायदे उद्योग आधार के जरिए मिलेंगे।
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डाटा बैंक में पहले महीने करीब तीन हजार कंपनियों के उत्पाद नजर आएंगे। उसके बाद हर महीने इसमें बढ़ोतरी होती रहेगी। उद्योग आधार वाली कंपनियां इस डाटा बैंक का हिस्सा बन सकती हैं। वेबसाइट पर ही इसका रजिस्ट्रेशन होना है और पासवर्ड मिलने के बाद वह देश की किसी भी कंपनी के उत्पादों का ब्योरा ले पाएंगी। आगरा की लेदर, फाउंड्री, पॉलीप्लास्ट, इंजीनियरिंग कंपोनेंट, क्राफ्ट आदि को इसका फायदा मिलेगा।
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‘हर उद्यमी के लिए डाटा बैंक उपयोगी होगा। पीएसयू सीधे छोटी इकाइयों से जुड़कर उनसे मनपसंद उत्पाद खरीद सकेंगी। आगरा के उद्यमियों में डाटा बैंक से जुड़ने के लिए उत्सुकता है।
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पीकेएस राठौर
निदेशक, एमएसएमई, आगरा
उद्योग : सूबे में दूसरे नंबर पर आगरा
उद्योग के आधार पर आगरा में एमएसएमई तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश में उद्योग आधार के मामले में आगरा दूसरे नंबर पर है। यहां मंगलवार रात आठ बजे तक 5951 पंजीकरण हो चुके थे, जबकि सूबे में पहले नंबर पर गाजीपुर है, जहां 11351 इकाइयां रजिस्टर्ड हो चुकी हैं। आगरा में 5951 इकाइयों में 5620 माइक्रो, 324 स्माल और सात मीडियम श्रेणी में पंजीकृत हैं। प्रदेश की राजधानी लखनऊ इस मामले में बहुत पीछे टॉप 10 में भी नहीं है।
शहर उद्योग आधार
गाजीपुर 11351
आगरा 5951
मेरठ 3857
नोएडा 2550
कानपुर 2538
फीरोजाबाद 2112
गाजियाबाद 1640
चित्रकूट 1529
मुरादाबाद 1435
वाराणसी 1358
लखनऊ 1157
सरकारी योजनाओं का मिलेगा फायदा
आगरा में करीब 26 हजार इकाइयां है, इनमें से एमएसएमई में करीब 12500 रजिस्टर्ड हैं। अब तक 5951 ही उद्योग आधार से जुड़ी हैं। उद्योग आधार से जुड़ने वाली इकाइयों को ठीक उसी तरह से सरकारी योजनाओं का फायदा मिल सकेगा, जिस तरह से आधार कार्ड का विभिन्न सेवाओं में उपयोग हो रहा है। सब्सिडी, रिटर्न टैक्स छूट समेत कई फायदे उद्योग आधार के जरिए मिलेंगे।