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UP: एसएन इमरजेंसी में बन रहा सर्जिकल ट्रायज, 20 बेड भी बढ़ेंगे; आपात स्थिति के मरीजों को मिलेगा तत्काल इलाज
Thu, 19 Feb 2026 10:21 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 19 Feb 2026 10:21 AM IST
सार
एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा की इमरजेंसी में सर्जिकल ट्रायज और 20 नए बेड जोड़े जा रहे हैं, जिसमें माइनर ओटी और हर बेड पर ऑक्सीजन सुविधा होगी।
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माइनर ओटी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में सर्जिकल ट्रायज बनाया जा रहा है। इसमें माइनर ओटी भी होगी। 20 बेड भी बढ़ाए जाएंगे। इससे आपात स्थिति के मरीजों को तत्काल इलाज और सर्जरी की सुविधा मिलेगी। मार्च में यह ट्रायज शुरू हो जाएगा।
बड़ा हादसा होने पर मरीजों की संख्या अधिक होती है। ऐसे में इमरजेंसी के प्रवेश द्वार के पास ही सर्जिकल ट्रायज बनाया जा रहा है। इसमें सर्जरी और हड्डी रोग की माइनर ओटी भी शिफ्ट हो जाएगी। अभी कमरा नंबर 115 और 116 में ये व्यवस्था है। सर्जिकल ट्रायज में एक अतिरिक्त माइनर ओटी भी बनाई जा रही है, जिसमें घायल अवस्था में आने पर मरीज की प्राथमिक सर्जरी की जा सकेगी। यहीं पर नर्सिंग काउंटर और डॉक्टर के चेंबर भी बनाए जा रहे हैं। बगल में ही पर्चा काउंटर है। इसे आपात स्थिति में मरीजों को चंद मिनट में ही इलाज और सर्जरी की सुविधा मिलेगी। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि सर्जिकल ट्रायज बाहर बनने से घायलावस्था में आने वाले मरीजों के लिए बड़ी सुविधा हो जाएगी इमरजेंसी में घुसते ही चंद समय में ही मरीजों को चिकित्सकीय सुविधा मिलने लगेगी।
हर बेड पर ऑक्सीजन की मिलेगी सुविधा
एसएन के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बृजेश शर्मा ने बताया कि हादसे में हड्डी और सर्जरी की इंजरी सबसे ज्यादा होती है। ऐसे में सर्जिकल ट्रायज में दोनों विभागों को एक साथ मर्ज हो जाएंगे। अब मरीजों को घायल अवस्था में आने पर अलग-अलग विभाग जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके बगल में ही मेडिसिन ब्लॉक भी बना हुआ है, जिससे जरूरत पड़ने पर तीनों विभाग के विशेषज्ञ मरीजों का इलाज कर सकेंगे। हर बेड पर ऑक्सीजन पॉइंट भी लगाया जा रहा है। इससे मरीजों को बेड पर ही ऑक्सीजन भी मिल सकेगी।
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आठ बेड का मेडिसिन आईसीयू भी बन रहा
कमरा नंबर 115 और 116 में सर्जरी और हड्डी रोग का वार्ड बन जाएगा। इनके पुराने वाले वार्ड में आठ बेड की मेडिसिन आईसीयू बना दी जाएगी। इससे मेडिसिन विभाग के अतिगंभीर मरीजों को इमरजेंसी में ही वेंटिलेटर समेत अन्य की सुविधा मिल जाएगी। इमरजेंसी में ट्रामा सेंटर में पहले से ही दो मेजर ऑपरेशन थिएटर संचालित हो रहे हैं।
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बड़ा हादसा होने पर मरीजों की संख्या अधिक होती है। ऐसे में इमरजेंसी के प्रवेश द्वार के पास ही सर्जिकल ट्रायज बनाया जा रहा है। इसमें सर्जरी और हड्डी रोग की माइनर ओटी भी शिफ्ट हो जाएगी। अभी कमरा नंबर 115 और 116 में ये व्यवस्था है। सर्जिकल ट्रायज में एक अतिरिक्त माइनर ओटी भी बनाई जा रही है, जिसमें घायल अवस्था में आने पर मरीज की प्राथमिक सर्जरी की जा सकेगी। यहीं पर नर्सिंग काउंटर और डॉक्टर के चेंबर भी बनाए जा रहे हैं। बगल में ही पर्चा काउंटर है। इसे आपात स्थिति में मरीजों को चंद मिनट में ही इलाज और सर्जरी की सुविधा मिलेगी। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि सर्जिकल ट्रायज बाहर बनने से घायलावस्था में आने वाले मरीजों के लिए बड़ी सुविधा हो जाएगी इमरजेंसी में घुसते ही चंद समय में ही मरीजों को चिकित्सकीय सुविधा मिलने लगेगी।
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हर बेड पर ऑक्सीजन की मिलेगी सुविधा
एसएन के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बृजेश शर्मा ने बताया कि हादसे में हड्डी और सर्जरी की इंजरी सबसे ज्यादा होती है। ऐसे में सर्जिकल ट्रायज में दोनों विभागों को एक साथ मर्ज हो जाएंगे। अब मरीजों को घायल अवस्था में आने पर अलग-अलग विभाग जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके बगल में ही मेडिसिन ब्लॉक भी बना हुआ है, जिससे जरूरत पड़ने पर तीनों विभाग के विशेषज्ञ मरीजों का इलाज कर सकेंगे। हर बेड पर ऑक्सीजन पॉइंट भी लगाया जा रहा है। इससे मरीजों को बेड पर ही ऑक्सीजन भी मिल सकेगी।
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आठ बेड का मेडिसिन आईसीयू भी बन रहा
कमरा नंबर 115 और 116 में सर्जरी और हड्डी रोग का वार्ड बन जाएगा। इनके पुराने वाले वार्ड में आठ बेड की मेडिसिन आईसीयू बना दी जाएगी। इससे मेडिसिन विभाग के अतिगंभीर मरीजों को इमरजेंसी में ही वेंटिलेटर समेत अन्य की सुविधा मिल जाएगी। इमरजेंसी में ट्रामा सेंटर में पहले से ही दो मेजर ऑपरेशन थिएटर संचालित हो रहे हैं।
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