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एनएच-2 पर भूखे-प्यासे मजदूरों के आगे पुलिस-प्रशासन लाचार
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हंगामा करते मजदूरों को समझाती पुलिस।
- फोटो : MATHURA
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मथुरा/फरह/कोसीकलां। कोटवन से फरह तक भूखे-प्यासे मजदूरों के आगे शनिवार को प्रशासन भी लाचार नजर आया। औरैया में हुए हादसे की जानकारी पर कोटवन बार्डर पहुंचे अधिकारी व्यवस्था बनाने के प्रयास करते दिखाई दिए। हजारों की संख्या में हरियाणा से मथुरा के कोटवन बॉर्डर पहुंचे मजदूरों को कोसी की मंडी में भेजा गया।
यहां थर्मल स्क्रीनिंग कर मजदूरों को बसों से रवाना किया गया। काफी मजदूर बिना जांच कराए बंद कंटेनरों से फरह के निकट रैपुरा जाट तक पहुंच गए। यहां पुलिस ने मजदूरों को उतारा तो भूखेे-प्यासे मजदूरों ने हंगामा कर दिया। बाद में सभी को भोजन दिया गया तथा थर्मल स्क्रीनिंग की गई।
मजदूरों के घर जाने का सिलसिला जिस गति से चल निकला है, उसके आगे पुलिस प्रशासन की व्यवस्थाएं भी बौनी साबित हो रही हैं। शनिवार तड़के औरेया में हुए सड़क हादसे की जानकारी मिलते ही नोडल अधिकारी कुणाल सिल्कु, डीएम सर्वज्ञराम मिश्र, एसएसपी गौरव ग्रोवर एनएच-2 बार्डर पर कोटवन कोसीकलां पहुंच गए।
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इसके बाद भी यहां से करीब एक हजार मजदूर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को धता बताते हुए बंद कंटेनरों में फरह के आगे रैपुरा जाट तक पहुंच गए। उन्हें वहां उतारा गया और निकट ही हरिदयाल विद्यालय में एकत्रित किया गया। इसी प्रकार से कोसीकलां में करीब ढाई हजार मजदूरों को उतार कर मंडी ले जाया गया।
बताया जाता है कि फरह बार्डर पर सुबह से भूखे -प्यासे मजदूरों को दोपहर तक भोजन-पानी नहीं मिला। इसके चलते उन्होंने जमकर हंगामा काटा। दोपहर बाद उनके भोजन आदि की व्यवस्था की गईं। बाद में बसों की व्यवस्थाएं हुईं और थर्मल स्कीनिंग के बाद उन्हें गंतव्य तक भेजा गया। उनके खाने-पीने की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। कोसीकलां मंडी से भी मजदूरों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद गन्तव्य तक भेजा गया।
एसपी सिटी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि करीब 800 मजदूर कंटेनरों और पैदल रैपुरा तक पहुंच गए थे। उन्हें घरों तक भेजने की व्यवस्था की जा रही है। एसपी देहात श्रीश चंद ने बताया कि कोसीकलां बार्डर पर करीब ढाई हजार मजदूर आए। उनको कोसीकलां मंडी से बसों द्वारा घर भेजा जा रहा है।
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यहां थर्मल स्क्रीनिंग कर मजदूरों को बसों से रवाना किया गया। काफी मजदूर बिना जांच कराए बंद कंटेनरों से फरह के निकट रैपुरा जाट तक पहुंच गए। यहां पुलिस ने मजदूरों को उतारा तो भूखेे-प्यासे मजदूरों ने हंगामा कर दिया। बाद में सभी को भोजन दिया गया तथा थर्मल स्क्रीनिंग की गई।
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मजदूरों के घर जाने का सिलसिला जिस गति से चल निकला है, उसके आगे पुलिस प्रशासन की व्यवस्थाएं भी बौनी साबित हो रही हैं। शनिवार तड़के औरेया में हुए सड़क हादसे की जानकारी मिलते ही नोडल अधिकारी कुणाल सिल्कु, डीएम सर्वज्ञराम मिश्र, एसएसपी गौरव ग्रोवर एनएच-2 बार्डर पर कोटवन कोसीकलां पहुंच गए।
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इसके बाद भी यहां से करीब एक हजार मजदूर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को धता बताते हुए बंद कंटेनरों में फरह के आगे रैपुरा जाट तक पहुंच गए। उन्हें वहां उतारा गया और निकट ही हरिदयाल विद्यालय में एकत्रित किया गया। इसी प्रकार से कोसीकलां में करीब ढाई हजार मजदूरों को उतार कर मंडी ले जाया गया।
बताया जाता है कि फरह बार्डर पर सुबह से भूखे -प्यासे मजदूरों को दोपहर तक भोजन-पानी नहीं मिला। इसके चलते उन्होंने जमकर हंगामा काटा। दोपहर बाद उनके भोजन आदि की व्यवस्था की गईं। बाद में बसों की व्यवस्थाएं हुईं और थर्मल स्कीनिंग के बाद उन्हें गंतव्य तक भेजा गया। उनके खाने-पीने की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। कोसीकलां मंडी से भी मजदूरों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद गन्तव्य तक भेजा गया।
एसपी सिटी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि करीब 800 मजदूर कंटेनरों और पैदल रैपुरा तक पहुंच गए थे। उन्हें घरों तक भेजने की व्यवस्था की जा रही है। एसपी देहात श्रीश चंद ने बताया कि कोसीकलां बार्डर पर करीब ढाई हजार मजदूर आए। उनको कोसीकलां मंडी से बसों द्वारा घर भेजा जा रहा है।