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मैनपुरीः एक साथ तीन अर्थियां देख रो उठा पूरा गांव, नहीं जले चूल्हे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अजीतगंज (मैनपुरी)
Updated Wed, 21 Feb 2018 08:43 PM IST
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गांव में शोक
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी में ब्लॉक जागीर के गांव मलूपुर में बुधवार की सुबह एक साथ तीन अर्थियां उठीं तो चीख पुकार मच गई। शवों से लिपटकर रो रही मां और बहनों को हटाने वाले लोग खुद भी अपने आंसू नहीं रोक सके। स्थिति यह रही कि गांव में दिनभर चूल्हे नहीं जले। सैकड़ों की संख्या में लोग सांत्वना देने के लिए उमड़ पड़े।
मंगलवार की देर शाम मलूपुर निवासी अरवेश यादव, उसके चचेरे भाई अनोज, पारिवारिक भाई मोहित की मैनपुरी से बाइक से गांव जाते समय मंछना के पास ट्रक की टक्कर से मौत हो गई थी। अरवेश की मंगलवार को बारात जानी थी।
रात में ही पोस्टमार्टम कराने के बाद परिवारीजन शवों को गांव ले गए। गांव के बाहर प्राथमिक विद्यालय परिसर में शवों को रखा गया। बुधवार की सुबह से ही गांव में क्षेत्र के लोग पहुंचना शुरू हो गए। सुबह 10 बजे तक गांव में हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई।
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अंतिम संस्कार के लिए जैसे ही तीनों अर्थियां एक साथ उठाई गईं तो चीत्कार मच गई। चारों ओर से रोने बिलखने की आवाजें आने लगीं। गांव के बाहर एक ही खेत में तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के समय हजारों लोग मौजूद रहे।
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मंगलवार की देर शाम मलूपुर निवासी अरवेश यादव, उसके चचेरे भाई अनोज, पारिवारिक भाई मोहित की मैनपुरी से बाइक से गांव जाते समय मंछना के पास ट्रक की टक्कर से मौत हो गई थी। अरवेश की मंगलवार को बारात जानी थी।
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रात में ही पोस्टमार्टम कराने के बाद परिवारीजन शवों को गांव ले गए। गांव के बाहर प्राथमिक विद्यालय परिसर में शवों को रखा गया। बुधवार की सुबह से ही गांव में क्षेत्र के लोग पहुंचना शुरू हो गए। सुबह 10 बजे तक गांव में हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई।
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अंतिम संस्कार के लिए जैसे ही तीनों अर्थियां एक साथ उठाई गईं तो चीत्कार मच गई। चारों ओर से रोने बिलखने की आवाजें आने लगीं। गांव के बाहर एक ही खेत में तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के समय हजारों लोग मौजूद रहे।