{"_id":"618ea63046fb29773b58e0ef","slug":"mainpuri-news-mainpuri-news-agr51438297","type":"story","status":"publish","title_hn":"21 लाख की आबादी वाले जनपद में नहीं दिल का डॉक्टर, मर रहे मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
21 लाख की आबादी वाले जनपद में नहीं दिल का डॉक्टर, मर रहे मरीज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। 21 लाख की आबादी वाले जिले में दिल के मरीजों का उपचार करने के लिए कार्डियोलॉजिस्ट नहीं है। ऐसे में मरीजों इलाज नहीं मिल पा रहा है। सर्दी बढ़ने से हार्ट के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। इस लिए जरूरी है अपना ख्याल रखने की। पिछले 15 दिनों में जिले में दिल के 11 मरीजों की मौत हो चुकी है।
सर्दी का मौसम शुरू होने के साथ ही दिल के मरीजों की परेशानी बढ़ने लगी है। पिछले 15 दिन में जिला अस्पताल में हार्ट अटैक से 11 मरीजों की मौत हो चुकी है। जबकि 43 मरीजों को गंभीर हालत के चलते मेडिकल कॉलेज सैफई और आगरा के लिए रेफर किया गया है। जिले में पांच साल से हार्ट का डॉक्टर नहीं है। जिले में दिल के मरीजों के इलाज के नाम पर एक मात्र चेस्ट फिजीशियन धर्मेंद्र कुमार की तैनाती है। जो ओपीडी में आने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद बाहर दिखाने की सलाह देते हैं।
जिला अस्पताल में तैनात फिजीशियन धर्मेंद्र कुमार का कहना है सर्दी में खून गाड़ा होने की वजह से दिल के मरीजों की परेशान बढ़ जाती है। ऐसे में दिल की उचित देखभाल करें और संतुलित खान पान लें। दिल से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें और तत्काल डॉक्टर से सलाह लें।
विज्ञापन
इन बातों का रखें ध्यान
- दिल पर दबाव न डालें
- नियमित रूप से धूप में बैठें और उचित व्यायाम करें
- सूर्य निकलने के बाद ही टहलें
- कोलस्ट्रॉल का ध्यान रखें
- सीने में दर्द होने पर डॉक्टर से सलाह लें
हार्ट के डॉक्टर के लिए कई बार उच्चाधिकारियों और शासन को पत्र लिखे गए। लेकिन डॉक्टर नहीं मिल सका। एक बार फिर से पत्र भेजकर हार्ट के डॉक्टर की मांग की जा रही है।
अरिवंद कुमार, गर्ग सीएमएस
विज्ञापन
सर्दी का मौसम शुरू होने के साथ ही दिल के मरीजों की परेशानी बढ़ने लगी है। पिछले 15 दिन में जिला अस्पताल में हार्ट अटैक से 11 मरीजों की मौत हो चुकी है। जबकि 43 मरीजों को गंभीर हालत के चलते मेडिकल कॉलेज सैफई और आगरा के लिए रेफर किया गया है। जिले में पांच साल से हार्ट का डॉक्टर नहीं है। जिले में दिल के मरीजों के इलाज के नाम पर एक मात्र चेस्ट फिजीशियन धर्मेंद्र कुमार की तैनाती है। जो ओपीडी में आने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद बाहर दिखाने की सलाह देते हैं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में तैनात फिजीशियन धर्मेंद्र कुमार का कहना है सर्दी में खून गाड़ा होने की वजह से दिल के मरीजों की परेशान बढ़ जाती है। ऐसे में दिल की उचित देखभाल करें और संतुलित खान पान लें। दिल से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें और तत्काल डॉक्टर से सलाह लें।
विज्ञापन
इन बातों का रखें ध्यान
- दिल पर दबाव न डालें
- नियमित रूप से धूप में बैठें और उचित व्यायाम करें
- सूर्य निकलने के बाद ही टहलें
- कोलस्ट्रॉल का ध्यान रखें
- सीने में दर्द होने पर डॉक्टर से सलाह लें
हार्ट के डॉक्टर के लिए कई बार उच्चाधिकारियों और शासन को पत्र लिखे गए। लेकिन डॉक्टर नहीं मिल सका। एक बार फिर से पत्र भेजकर हार्ट के डॉक्टर की मांग की जा रही है।
अरिवंद कुमार, गर्ग सीएमएस