{"_id":"636007f6e42b250c00489136","slug":"mainpuri-khadi-village-industries-officer-will-investigate-the-development-works-in-elevated-islamabad-mainpuri-news-agr5518437175","type":"story","status":"publish","title_hn":"मैनपुरी: ऊंचा इस्लामाबाद में विकास कार्यों की जांच करेंगे खादी ग्रामोद्योग अधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मैनपुरी: ऊंचा इस्लामाबाद में विकास कार्यों की जांच करेंगे खादी ग्रामोद्योग अधिकारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। विकास खंड किशनी की ग्राम पंचायत ऊंचा इस्लामाबाद में खादी ग्रामोद्योग अधिकारी विकास कार्यों की जांच करेंगे। गांव के ही निवासी ने जिला मजिस्ट्रेट से ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धनराशि का फर्जीवाड़ा करने की शिकायत की थी। शिकायत पर जिला मजिस्ट्रेट ने जांच अधिकारी नामित कर दिया है। वे जल्द ही अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेंगे।
गांव ऊंचा इस्लामाबाद निवासी राजेश तिवारी ने जिला मजिस्ट्रेट से शपथ पत्र पर शिकायत की थी। इसमें कहा था कि वर्तमान ग्राम प्रधान द्वारा ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया है। उन्होंने कई निर्माण कार्यों को फर्जी बताते हुए जांच कराने की मांग की थी।
शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिला मजिस्ट्रेट अविनाश कृष्ण सिंह ने खादी ग्रामोद्योग अधिकारी पवन कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश दिए हैं कि जांच अधिकारी एक माह के अंदर अनिवार्य रूप से जांच कर अपनी रिपोर्ट जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंपेंगे। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जिला मजिस्ट्रेट ने जांच के आदेश में ये भी स्पष्ट कर दिया है जांच अधिकारी को अभिलेख उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी बीडीओ और एडीओ पंचायत की होगी। वे ही ग्राम पंचायत में हुए कार्य के प्रमाणित अभिलेख उपलब्ध कराएंगे।
प्रधान और शिकायतकर्ता को भी सुनेंगे जांच अधिकारी
अक्सर ग्राम पंचायतों की जांच रिपोर्ट पर ये सवाल उठते हैं कि शिकायतकर्ता और ग्राम प्रधान के पक्ष को जांच के दौरान सुना ही नहीं गया। इसी के चलते जिला मजिस्ट्रेट ने जांच अधिकारी को निर्देशित किया है जांच के दौरान शिकायतकर्ता और प्रधान के पक्ष को भी अलग-अलग सुना जाए। इसके बाद भी जांच रिपोर्ट भेजी जाए। जांच के दौरान किसी अप्रिय घटना की आशंका होने पर पुलिस बल भी मौजूद रहे।
ग्राम पंचायत ऊंचा इस्लामाबाद की शिकायत में जिला मजिस्ट्रेट ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच अधिकारी एक माह में अपनी रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे।
- अविनाश चंद्र, डीपीआरओ
विज्ञापन
गांव ऊंचा इस्लामाबाद निवासी राजेश तिवारी ने जिला मजिस्ट्रेट से शपथ पत्र पर शिकायत की थी। इसमें कहा था कि वर्तमान ग्राम प्रधान द्वारा ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया है। उन्होंने कई निर्माण कार्यों को फर्जी बताते हुए जांच कराने की मांग की थी।
विज्ञापन
शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जिला मजिस्ट्रेट अविनाश कृष्ण सिंह ने खादी ग्रामोद्योग अधिकारी पवन कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश दिए हैं कि जांच अधिकारी एक माह के अंदर अनिवार्य रूप से जांच कर अपनी रिपोर्ट जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंपेंगे। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जिला मजिस्ट्रेट ने जांच के आदेश में ये भी स्पष्ट कर दिया है जांच अधिकारी को अभिलेख उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी बीडीओ और एडीओ पंचायत की होगी। वे ही ग्राम पंचायत में हुए कार्य के प्रमाणित अभिलेख उपलब्ध कराएंगे।
प्रधान और शिकायतकर्ता को भी सुनेंगे जांच अधिकारी
अक्सर ग्राम पंचायतों की जांच रिपोर्ट पर ये सवाल उठते हैं कि शिकायतकर्ता और ग्राम प्रधान के पक्ष को जांच के दौरान सुना ही नहीं गया। इसी के चलते जिला मजिस्ट्रेट ने जांच अधिकारी को निर्देशित किया है जांच के दौरान शिकायतकर्ता और प्रधान के पक्ष को भी अलग-अलग सुना जाए। इसके बाद भी जांच रिपोर्ट भेजी जाए। जांच के दौरान किसी अप्रिय घटना की आशंका होने पर पुलिस बल भी मौजूद रहे।
ग्राम पंचायत ऊंचा इस्लामाबाद की शिकायत में जिला मजिस्ट्रेट ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच अधिकारी एक माह में अपनी रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे।
- अविनाश चंद्र, डीपीआरओ