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कान्हा की नगरी में घर-घर पूजे गए भगवान भोलेनाथ, मंदिरों में जलाभिषेक को लगी कतार
Mon, 04 Mar 2019 06:10 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 04 Mar 2019 06:10 PM IST
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भूतेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का अभिषेक करते भक्त
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कान्हा की नगरी में सोमवार को महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ की पूजा-अर्चना घर-घर की गई। शिवालयों में सुबह से ही कतारें लग गईं। बड़ी संख्या में कांवड़ियों ने पहुंचकर जलाभिषेक किया। हर तरफ भगवान के जयकारे गूंजते रहे। शिवभक्तों ने व्रत रखकर भगवान शिव से परिवार की मंगलकामना की। इस महापर्व को लेकर शिव मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया।
मथुरा में भोर से ही जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया। शहर कोतवाल के नाम से विख्यात भूतेश्वर महादेव मंदिर, रंगेश्वर महादेव मंदिर, गोकरणनाथ मंदिर, नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर, नर्मदेश्वर महादेव मंदिर, गल्तेश्वर महादेव मंदिर, पिपलेश्वर महादेव मंदिर, चिंताहरण महादेव मंदिर सहित अन्य शिवालयों में तड़के ही कांवड़िये पहुंच गए।
भगवान भोले के यह भक्त सोरों, रामघाट, राजघाट और कछला से गंगाजल लेकर आए। भक्तों ने पूरे विधि विधान के साथ भगवान शिव का अभिषेक किया। चंदन, इत्र चढ़ाया, वहीं भांग व धतूरा अर्पण कर सुख समृद्धि की कामना की। मंदिरों में जलाभिषेक का यह क्रम शाम तक जारी रहा।
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मथुरा में भोर से ही जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया। शहर कोतवाल के नाम से विख्यात भूतेश्वर महादेव मंदिर, रंगेश्वर महादेव मंदिर, गोकरणनाथ मंदिर, नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर, नर्मदेश्वर महादेव मंदिर, गल्तेश्वर महादेव मंदिर, पिपलेश्वर महादेव मंदिर, चिंताहरण महादेव मंदिर सहित अन्य शिवालयों में तड़के ही कांवड़िये पहुंच गए।
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भगवान भोले के यह भक्त सोरों, रामघाट, राजघाट और कछला से गंगाजल लेकर आए। भक्तों ने पूरे विधि विधान के साथ भगवान शिव का अभिषेक किया। चंदन, इत्र चढ़ाया, वहीं भांग व धतूरा अर्पण कर सुख समृद्धि की कामना की। मंदिरों में जलाभिषेक का यह क्रम शाम तक जारी रहा।
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नवविवाहिताओं ने मांगी मनौती
गोपेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का अभिषेक करते भक्त
नवविवाहिताओं और पुत्र प्राप्त करने वाली महिलाएं श्रृंगार कर सिर पर मंगल कलश लेकर बैंड बाजे और परिवारीजनों के साथ शिवालयों में पहुंचीं। यहां उन्होंने भोले बाबा को जल चढ़ाकर मनौती मांगी। इस दौरान शिवालयों में बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे।
वृंदावन के शिवालयों में भी भक्तों की भीड़ भगवान भोले का जलाभिषेक करने को उमड़ी। वहीं नवविवाहिता व पुत्र रत्न प्राप्ति के बाद महिलाएं गाजे-बाजे व ढोल के साथ मंदिर में जेहर चढ़ाने पहुंचीं। घरों में महिलाओं ने उपवास रखकर भगवान शिव की आराधना की। शाम को मंदिरों में भव्य आयोजन हुए।
रात को गोपेश्वर महादेव मंदिर में चार प्रहरों की श्रृंगार आरती में भक्तों भाग लिया। गोविंद घेरा स्थित टालेश्वर मंदिर में फूल बंगला सजाया गया। रात आठ बजे आनंद बाबा के सानिध्य में 108 दीपकों से विशेष आरती हुई। वहीं कई मंदिरों में रातभर जागरण हुए।
वृंदावन के शिवालयों में भी भक्तों की भीड़ भगवान भोले का जलाभिषेक करने को उमड़ी। वहीं नवविवाहिता व पुत्र रत्न प्राप्ति के बाद महिलाएं गाजे-बाजे व ढोल के साथ मंदिर में जेहर चढ़ाने पहुंचीं। घरों में महिलाओं ने उपवास रखकर भगवान शिव की आराधना की। शाम को मंदिरों में भव्य आयोजन हुए।
रात को गोपेश्वर महादेव मंदिर में चार प्रहरों की श्रृंगार आरती में भक्तों भाग लिया। गोविंद घेरा स्थित टालेश्वर मंदिर में फूल बंगला सजाया गया। रात आठ बजे आनंद बाबा के सानिध्य में 108 दीपकों से विशेष आरती हुई। वहीं कई मंदिरों में रातभर जागरण हुए।