{"_id":"6848639ef938308c050f80b4","slug":"madhya-pradesh-high-court-chief-justice-sanjeev-sachdeva-met-saint-premananda-maharaj-in-vrindavan-2025-06-10","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Sant Premanand: एमपी के चीफ जस्टिस ने की धर्म और न्याय पर चर्चा, संत प्रेमानंद बोले- कर्म को ही बनाएं पूजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Premanand: एमपी के चीफ जस्टिस ने की धर्म और न्याय पर चर्चा, संत प्रेमानंद बोले- कर्म को ही बनाएं पूजा
Tue, 10 Jun 2025 10:26 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Tue, 10 Jun 2025 10:26 PM IST
सार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। इस दाैरान एमपी के चीफ जस्टिस ने संत से धर्म और न्याय पर चर्चा की।
विज्ञापन
संत प्रेमानंद।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने धर्म, न्याय और जीवन के उद्देश्य पर गहन चर्चा की।
प्रेमानंद महाराज ने जस्टिस सचदेवा से कहा कि धर्मो रक्षति रक्षित, जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। उन्होंने बताया कि मनुष्य जीवन का परम लक्ष्य भगवदानंद है और यह सब कुछ समय के लिए है। सभी भौतिक वस्तुएं, पद, प्रतिष्ठा और संबंध नश्वर हैं, केवल आत्मा और उसके कर्म शाश्वत हैं।
विज्ञापन
प्रेमानंद महाराज ने जस्टिस सचदेवा से कहा कि धर्मो रक्षति रक्षित, जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। उन्होंने बताया कि मनुष्य जीवन का परम लक्ष्य भगवदानंद है और यह सब कुछ समय के लिए है। सभी भौतिक वस्तुएं, पद, प्रतिष्ठा और संबंध नश्वर हैं, केवल आत्मा और उसके कर्म शाश्वत हैं।
विज्ञापन
महाराज ने न्यायपालिका के कर्तव्यों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा अपने कर्म को पूजा बनाना ही भगवान को समर्पित करना है। न्याय करके दोषी को दंड देना है। किसी का न भय और न किसी का प्रलोभन हमें विचलित नहीं कर सकता। हमें निर्दोष को बचाना ही है।
प्रेमानंद महाराज ने यह भी बताया कि भगवान अगरबत्ती या धूपबत्ती नहीं चाहते, वे हमारी भावना चाहते हैं। उन्होंने कहा अपने-अपने कर्म के द्वारा अगर हम धर्म रूपी पूजा करें तो हमारा पूरा देश आगे बढ़ेगा।
प्रेमानंद महाराज ने यह भी बताया कि भगवान अगरबत्ती या धूपबत्ती नहीं चाहते, वे हमारी भावना चाहते हैं। उन्होंने कहा अपने-अपने कर्म के द्वारा अगर हम धर्म रूपी पूजा करें तो हमारा पूरा देश आगे बढ़ेगा।