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Agra: पागल कुत्ते ने काटा छात्र, डेढ़ महीने बाद दिखे भयानक लक्षण, अजीब आवाज और लपलपा रहा था जीभ, हो गई मौत
Tue, 13 Dec 2022 10:21 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 13 Dec 2022 10:21 PM IST
सार
छात्र को डेढ़ महीने पहले पागल कुत्ते ने काटा था। उसने डर की वजह से घरवालों को नहीं बताया था। जब घरवालों को लक्षण दिखे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
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कुत्ते ने काटा (सांकेतिक फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के बाह के रुदमुली गांव निवासी चौथी कक्षा के छात्र नैतिक भदौरिया (13) का मंगलवार को निधन हो गया। जीभ लपलपाने के लक्षण देखकर घरवालों को पता चला कि उसे डेढ़ महीने पहले पागल कुत्ते ने काट लिया था। रेबीज के संक्रमण ने मासूम की जिंदगी छीन ली।
बृहस्पतिवार को बुखार से हालत बिगड़ने पर रुदमुली के अरविंद भदौरिया के बेटे नैतिक को परिजन इलाज के लिए आगरा के निजी अस्पताल में ले गए थे। वहां हालत में सुधार न होने और नैतिक के जीभ लपलपाने के साथ अजीब आवाज करने पर परिजन एसएन में उपचार के लिए लेकर पहुंचे। जांच के बाद चिकित्सकों ने घरवालों को रेबीज के संक्रमण की जानकारी दी। तब परिजन को पता चला कि नैतिक को डेढ़ महीने पहले पागल कुत्ते ने काट लिया था। डांट के डर से उसने परिजन को नहीं बताया था। मंगलवार को मासूम का शव पहुंचते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार में मातम पसर गया। नैतिक जरार के एआर आदर्श स्कूल में चौथी कक्षा का छात्र था। प्रधानाचार्य उमेश सिसौदिया ने बताया कि नैतिक पढ़ाई में होशियार था।
रुदमुली गांव में 30 अक्टूबर को पागल कुत्ते ने टीटू शर्मा, रणजीत, दुब्बी, अमित समेत 8 लोगों को काटा था। सभी को सीएचसी में एआरवी लगाई गई थी। ग्रामीणों ने कुत्ते को घेर कर मार डाला था। शोक में डूबे रुदमुली गांव के लोगों का कहना था कि नैतिक को भी एआरवी लग जाती तो जान बच सकती थी। उसने डर की वजह से किसी को नहीं बताया। अधीक्षक डॉ. जितेंद्र वर्मा ने बताया कि जितने लोगों को सीएचसी पर लाया गया था। उपचार के साथ एआरवी लगाई गई थी।
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निजी अस्पताल में कराया गया था भर्ती
बृहस्पतिवार को बुखार से हालत बिगड़ने पर रुदमुली के अरविंद भदौरिया के बेटे नैतिक को परिजन इलाज के लिए आगरा के निजी अस्पताल में ले गए थे। वहां हालत में सुधार न होने और नैतिक के जीभ लपलपाने के साथ अजीब आवाज करने पर परिजन एसएन में उपचार के लिए लेकर पहुंचे। जांच के बाद चिकित्सकों ने घरवालों को रेबीज के संक्रमण की जानकारी दी। तब परिजन को पता चला कि नैतिक को डेढ़ महीने पहले पागल कुत्ते ने काट लिया था। डांट के डर से उसने परिजन को नहीं बताया था। मंगलवार को मासूम का शव पहुंचते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार में मातम पसर गया। नैतिक जरार के एआर आदर्श स्कूल में चौथी कक्षा का छात्र था। प्रधानाचार्य उमेश सिसौदिया ने बताया कि नैतिक पढ़ाई में होशियार था।
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एआरवी लग जाती तो बच सकती थी जान
रुदमुली गांव में 30 अक्टूबर को पागल कुत्ते ने टीटू शर्मा, रणजीत, दुब्बी, अमित समेत 8 लोगों को काटा था। सभी को सीएचसी में एआरवी लगाई गई थी। ग्रामीणों ने कुत्ते को घेर कर मार डाला था। शोक में डूबे रुदमुली गांव के लोगों का कहना था कि नैतिक को भी एआरवी लग जाती तो जान बच सकती थी। उसने डर की वजह से किसी को नहीं बताया। अधीक्षक डॉ. जितेंद्र वर्मा ने बताया कि जितने लोगों को सीएचसी पर लाया गया था। उपचार के साथ एआरवी लगाई गई थी।
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