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लालच देकर ‘धर्मांतरण’, प्रचारक को धुना
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Mon, 23 Feb 2015 01:50 AM IST
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नगला प्रजापति में प्रार्थना के जरिए लोगों की परेशानी दूर करने और रुपयों का लालच देकर धर्मांतरण कराने का मामला प्रकाश में आया है। हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने रविवार को कथित ईसाई धर्म प्रचारक को पकड़ लिया। उसकी जमकर पिटाई की और पुलिस के हवाले कर दिया। आरोप है कि वह रुपयों का लालच देकर धर्म परिवर्तन करा रहा था।
किरावली के नगला प्रजापति निवासी करण के घर बयाना, राजस्थान के कैलाश का दो साल से आना-जाना था। वह बस्ती के लोगों को बाइबिल का पाठ कराता था। बस्ती के अलावा गांव गुढ़ा के लोग भी आते थे। कैलाश अपने को ईसाई धर्म प्रचारक बताता था। आरोप है कि वह रुपये का लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन भी करा रहा था। इसकी जानकारी हिंदूवादी संगठनों को हुई। विश्व हिंदू परिषद के जिला सहमंत्री विक्रांत फौजदार, पवन इंदौलिया, तनुज सिंघल, दीपक डागुर, अंकित चाहर, रामनिवास ने कथित प्रचारक से शुक्रवार को संपर्क किया। रविवार को ये सभी करण के घर पहुंच गए। उन्होंने कैलाश को पकड़ लिया। जमकर पिटाई लगाई और पुलिस के हवाले कर दिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं, आरोपी कैलाश का कहना था कि वह ईसाई धर्म की प्रार्थना सभा कराता है। यह परेशान लोगों के लिए दुआ का काम करती है। उसने इससे बीमारियां ठीक होने का दावा भी किया।
रामायण छोड़ पढ़ रहे बाइबिल
विहिप के विक्रांत ने बताया, धर्म प्रचारक के संपर्क में आए गांव गुढ़ा और नगला प्रजापति के दर्जन भर परिवारों के लोग रामायण नहीं, बल्कि बाइबिल पढ़ते हैं। गुढ़ा के ही गोविंद ने बताया कि हर रविवार को गांव के आधा दर्जन परिवारों के लोग करण के घर कैलाश के बुलाने पर पहुंचते हैं, जहां यह पाठ कराया जाता है।
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किरावली के नगला प्रजापति निवासी करण के घर बयाना, राजस्थान के कैलाश का दो साल से आना-जाना था। वह बस्ती के लोगों को बाइबिल का पाठ कराता था। बस्ती के अलावा गांव गुढ़ा के लोग भी आते थे। कैलाश अपने को ईसाई धर्म प्रचारक बताता था। आरोप है कि वह रुपये का लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन भी करा रहा था। इसकी जानकारी हिंदूवादी संगठनों को हुई। विश्व हिंदू परिषद के जिला सहमंत्री विक्रांत फौजदार, पवन इंदौलिया, तनुज सिंघल, दीपक डागुर, अंकित चाहर, रामनिवास ने कथित प्रचारक से शुक्रवार को संपर्क किया। रविवार को ये सभी करण के घर पहुंच गए। उन्होंने कैलाश को पकड़ लिया। जमकर पिटाई लगाई और पुलिस के हवाले कर दिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं, आरोपी कैलाश का कहना था कि वह ईसाई धर्म की प्रार्थना सभा कराता है। यह परेशान लोगों के लिए दुआ का काम करती है। उसने इससे बीमारियां ठीक होने का दावा भी किया।
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रामायण छोड़ पढ़ रहे बाइबिल
विहिप के विक्रांत ने बताया, धर्म प्रचारक के संपर्क में आए गांव गुढ़ा और नगला प्रजापति के दर्जन भर परिवारों के लोग रामायण नहीं, बल्कि बाइबिल पढ़ते हैं। गुढ़ा के ही गोविंद ने बताया कि हर रविवार को गांव के आधा दर्जन परिवारों के लोग करण के घर कैलाश के बुलाने पर पहुंचते हैं, जहां यह पाठ कराया जाता है।
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