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लखनऊ हत्याकांड: चार बहनों और मां की हत्या के वक्त अरशद के दिमाग में क्या चल रहा होगा? ये कहते हैं मनोवैज्ञानिक
Thu, 02 Jan 2025 11:51 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 02 Jan 2025 11:51 AM IST
सार
चार बहनों और मां की हत्या के आरोपी की मानसिक दशा ठीक नहीं होने की आंशका चिकित्सक जता रहे हैं। ये सिजोफ्रेनिया का मामला हो सकता है। वैसे चिकित्सक घटना की विधिवत जांच के बाद ही सही स्थिति बताने की कह रहे हैं।
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अरशद
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
लखनऊ के एक होटल में चार मासूमों बहनों और मां की बेरहमी से हुई हत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हर किसी के मन में बार-बार यह सवाल आ रहा है कि आखिर अरशद के सामने ऐसी भी क्या मजबूरी रही कि अपनों की जान लेते वक्त उसके हाथ नहीं कांपे। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि सिर्फ एंगर इश्यू को लेकर इस वारदात को नहीं देखा जा सकता है। वो सिजोफ्रेनिया का मरीज हो सकता है, जो शंकाओं को हकीकत मान असुरक्षित समझने लगते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के निदेशक प्रो. दिनेश राठौर ने बताया कि सिजोफ्रेनिया गंमीर मानसिक बीमारी है। इसमें मरीज के सोचने-समझने, महसूस करने और व्यवहार प्रभावित होता है। ये पुरुषों में अधिकतर 16-30 की उम्र में होता है। इस बीमारी में मरीज अपने आसपास झूठी दुनिया बना लेता है, जिसे वह सही मानता है। उसे अपने साथ अनहोनी होने की शंका, जान से मारने की धमकी, तरह-तरह की आवाजें सुनाई देने जैसी स्थिति बनती है। इस मनोदशा के चलते वह भ्रम की स्थिति में खुद को असुरक्षित भी महसूस करने लगता है। आरोपी की चिकित्सकीय जांच समेत अन्य पहलुओं की विधिवत पड़ताल के बाद ही सही स्थिति का आकलन संभव है।
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मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के निदेशक प्रो. दिनेश राठौर ने बताया कि सिजोफ्रेनिया गंमीर मानसिक बीमारी है। इसमें मरीज के सोचने-समझने, महसूस करने और व्यवहार प्रभावित होता है। ये पुरुषों में अधिकतर 16-30 की उम्र में होता है। इस बीमारी में मरीज अपने आसपास झूठी दुनिया बना लेता है, जिसे वह सही मानता है। उसे अपने साथ अनहोनी होने की शंका, जान से मारने की धमकी, तरह-तरह की आवाजें सुनाई देने जैसी स्थिति बनती है। इस मनोदशा के चलते वह भ्रम की स्थिति में खुद को असुरक्षित भी महसूस करने लगता है। आरोपी की चिकित्सकीय जांच समेत अन्य पहलुओं की विधिवत पड़ताल के बाद ही सही स्थिति का आकलन संभव है।
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डॉ. दिनेश राठौर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अकेले में ज्यादा रहना पसंद करते हैं ऐसे मरीज
प्रो. राठौर बताते हैं कि इस बीमारी में मरीज अकेले रहना ज्यादा पसंद करते हैं, अकेले में बड़बड़ाते हैं। दूसरों से ताल्लुक नहीं रखते हैं। हकीकत से परे बातें करना, दूसरों से अपनी जान का खतरा होने जैसे लक्षण भी होते हैं। इलाज में देरी पर मर्ज गंभीर बन जाता है। ऐसे मरीजों के इलाज में मरीज, परिजन और स्वस्थ दिमाग वाले व्यक्तियों से बातचीत कर जानकारी करते हैं। कई बार मरीज को भर्ती भी करना पड़ता है।
प्रो. राठौर बताते हैं कि इस बीमारी में मरीज अकेले रहना ज्यादा पसंद करते हैं, अकेले में बड़बड़ाते हैं। दूसरों से ताल्लुक नहीं रखते हैं। हकीकत से परे बातें करना, दूसरों से अपनी जान का खतरा होने जैसे लक्षण भी होते हैं। इलाज में देरी पर मर्ज गंभीर बन जाता है। ऐसे मरीजों के इलाज में मरीज, परिजन और स्वस्थ दिमाग वाले व्यक्तियों से बातचीत कर जानकारी करते हैं। कई बार मरीज को भर्ती भी करना पड़ता है।
आरोपी अरशद और मामले की जांच करते पुलिसकर्मी।
- फोटो : amar ujala
अरशद की साजिश, कब क्या हुआ
साजिश के तहत आरोपी पिता-पुत्र ने परिवार से नए साल की पार्टी लखनऊ में मनाने की बात कही। मंगलवार रात में पार्टी के नाम पर सभी को शराब पिलाई। आरोपियों ने नाबालिग बच्चियों को भी जबरन शराब पिलाई ताकि बेसुध होने पर उनकी हत्या की जा सके। शराब पिलाने के बाद मंगलवार रात दो बजे अरशद ने पिता के साथ मिलकर पहले मां अस्मा का ब्लेड से गला रेता। फिर हाथ की नस काट दी। इसके बाद बहन अल्शिया और रहमीन का गला रेतने के बाद हाथ की नस काट दी।
साजिश के तहत आरोपी पिता-पुत्र ने परिवार से नए साल की पार्टी लखनऊ में मनाने की बात कही। मंगलवार रात में पार्टी के नाम पर सभी को शराब पिलाई। आरोपियों ने नाबालिग बच्चियों को भी जबरन शराब पिलाई ताकि बेसुध होने पर उनकी हत्या की जा सके। शराब पिलाने के बाद मंगलवार रात दो बजे अरशद ने पिता के साथ मिलकर पहले मां अस्मा का ब्लेड से गला रेता। फिर हाथ की नस काट दी। इसके बाद बहन अल्शिया और रहमीन का गला रेतने के बाद हाथ की नस काट दी।
आरोपी अरशद का आगरा स्थित घर।
- फोटो : amar ujala
गला घोंटकर की हत्या
वहीं, बदर ने अक्सा और आलिया की गला घोंटकर हत्या कर दी। दोनाें के हाथ की नस भी काटी। वे चीख-चिल्ला न सके इसलिए सभी के मुंह में कपड़ा ठूस दिया था। यही नहीं, कोई जिंदा न बचे इसलिए हाथ की नस काटने के बाद दुपट्टे से गला भी कसा था।
वहीं, बदर ने अक्सा और आलिया की गला घोंटकर हत्या कर दी। दोनाें के हाथ की नस भी काटी। वे चीख-चिल्ला न सके इसलिए सभी के मुंह में कपड़ा ठूस दिया था। यही नहीं, कोई जिंदा न बचे इसलिए हाथ की नस काटने के बाद दुपट्टे से गला भी कसा था।
बेकसूर बच्चियों के साथ आरोपी पिता।
- फोटो : अमर उजाला।
हत्या के बाद निकले होटल से बाहर
हत्या के बाद बुधवार सुबह करीब 06:55 बजे दोनों आरोपी होटल से बाहर निकले। सीसीटीवी फुटेज में भी दोनों साथ निकलते दिखे हैं। अरशद ने पहले पिता को चारबाग स्टेशन छोड़ा। इसके बाद लोको पुलिस चौकी पहुंचकर घटना की जानकारी दी। पुलिस की टीम बदर की तलाश कर रही है। बदर अपना फोन होटल में ही छोड़कर गया है, जिसकी वजह से उसकी लोकेशन नहीं मिल पाई है। पुलिस की दो टीमें आरोपी की तलाश में दबिश दे रही हैं। पुलिस ने होटल के कमरे से हत्या में इस्तेमाल ब्लेड और दुपट्टा बरामद कर लिया है।
हत्या के बाद बुधवार सुबह करीब 06:55 बजे दोनों आरोपी होटल से बाहर निकले। सीसीटीवी फुटेज में भी दोनों साथ निकलते दिखे हैं। अरशद ने पहले पिता को चारबाग स्टेशन छोड़ा। इसके बाद लोको पुलिस चौकी पहुंचकर घटना की जानकारी दी। पुलिस की टीम बदर की तलाश कर रही है। बदर अपना फोन होटल में ही छोड़कर गया है, जिसकी वजह से उसकी लोकेशन नहीं मिल पाई है। पुलिस की दो टीमें आरोपी की तलाश में दबिश दे रही हैं। पुलिस ने होटल के कमरे से हत्या में इस्तेमाल ब्लेड और दुपट्टा बरामद कर लिया है।
असद के घर के बाहर जमा लोगों की भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
टाइम लाइन
30 दिसंबर शाम 4:30 बजे अरशद व उसका पिता बदर पूरे परिवार होटल शरणजीत पहुंचा।
31 दिसंबर दोपहर 2 बजे सभी लोग घूमने की बात कहकर होटल से निकले।
31 दिसंबर रात 9 बजे सभी लोग घूम कर लौटे।
31 दिसंबर रात 10 बजे आरोपी पिता-पुत्र होटल से खाना लेकर आए और सभी खाना खाकर सो गए।
30 दिसंबर शाम 4:30 बजे अरशद व उसका पिता बदर पूरे परिवार होटल शरणजीत पहुंचा।
31 दिसंबर दोपहर 2 बजे सभी लोग घूमने की बात कहकर होटल से निकले।
31 दिसंबर रात 9 बजे सभी लोग घूम कर लौटे।
31 दिसंबर रात 10 बजे आरोपी पिता-पुत्र होटल से खाना लेकर आए और सभी खाना खाकर सो गए।
होटल में जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
1 जनवरी रात 2 बजे आरोपी अरशद व उसके पिता बदर ने मिलकर परिवार के पांच लोगों की हत्या की।
1 जनवरी सुबह 4:30 बजे दोनों आरोपी अरशद व बदर चुपके से होटल से बाहर निकले।
1 जनवरी सुबह 6:55 बजे आरोपी अरशद हुसैनगंज की लोको चौकी पहुंचा और मां व चार बहनों की हत्या की बात बताई।
1 जनवरी सुबह 7:14 बजे हुसैनगंज पुलिस आरोपी को होटल लेकर पहुंची। जांच में घटना नाका इलाके की मिली। सूचना नाका पुलिस को दी गई।
1 जनवरी सुबह 7:30 बजे नाका पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद एसीपी, एडीसीपी, डीसीपी और जेसीपी क्राइम मौके पर पहुंचे।
1 जनवरी सुबह 8:20 बजे फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। छानबीन के बाद सभी शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
1 जनवरी सुबह 4:30 बजे दोनों आरोपी अरशद व बदर चुपके से होटल से बाहर निकले।
1 जनवरी सुबह 6:55 बजे आरोपी अरशद हुसैनगंज की लोको चौकी पहुंचा और मां व चार बहनों की हत्या की बात बताई।
1 जनवरी सुबह 7:14 बजे हुसैनगंज पुलिस आरोपी को होटल लेकर पहुंची। जांच में घटना नाका इलाके की मिली। सूचना नाका पुलिस को दी गई।
1 जनवरी सुबह 7:30 बजे नाका पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद एसीपी, एडीसीपी, डीसीपी और जेसीपी क्राइम मौके पर पहुंचे।
1 जनवरी सुबह 8:20 बजे फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। छानबीन के बाद सभी शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।