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पंचों की नहीं चली, जीत गया प्यार, साथ रहेंगे पूनम और धर्मेंद्र
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 13 Sep 2017 09:37 AM IST
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महापंचायत
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आगरा में कागारौल के सोनिगा गांव में एक ही गोत्र में विवाह करने वाली युवती ने अपने प्रेमी के साथ रहने का फैसला किया है। वह उसी के साथ चली गई है। कोर्ट ने भी यही आदेश दिया है कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र है। पुलिस ने उसके अपहरण का मामला भी खारिज कर दिया है।
बता दें कि कागारौल के सोनिगा गांव में हुई पंचायत में फरमान सुनाया गया था कि पूनम और धर्मेंद्र अलग- अलग रहेंगे। इसके बाद दोनों साथ- साथ रहे तो पंचायत ने दोनों के परिवारों के बहिष्कार का फरमान सुना दिया।
इस पर धर्मेंद्र का परिवार गांव छोड़कर चला गया था। पूनम का परिवार गांव में है। गांव के लोगों ने उससे नाता तोड़ रखा है, उसे खाने-पीने की चीजें भी नहीं बेच रहे हैं। पिता ने पूनम को नाबालिग बताते हुए धर्मेंद्र और उसके परिवार के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया था।
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आठ दिन पहले हुई पंचायत के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज की थी और उसे बरामद कर लिया था। उसके परिवार ने पुलिस से कहा था कि उसे उनके साथ भेजा जाए। पूनम ने उनके साथ जाने से इनकार कर दिया था। सोमवार को उसका मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराया गया था। इस पर मंगलवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया।
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बता दें कि कागारौल के सोनिगा गांव में हुई पंचायत में फरमान सुनाया गया था कि पूनम और धर्मेंद्र अलग- अलग रहेंगे। इसके बाद दोनों साथ- साथ रहे तो पंचायत ने दोनों के परिवारों के बहिष्कार का फरमान सुना दिया।
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इस पर धर्मेंद्र का परिवार गांव छोड़कर चला गया था। पूनम का परिवार गांव में है। गांव के लोगों ने उससे नाता तोड़ रखा है, उसे खाने-पीने की चीजें भी नहीं बेच रहे हैं। पिता ने पूनम को नाबालिग बताते हुए धर्मेंद्र और उसके परिवार के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया था।
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आठ दिन पहले हुई पंचायत के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज की थी और उसे बरामद कर लिया था। उसके परिवार ने पुलिस से कहा था कि उसे उनके साथ भेजा जाए। पूनम ने उनके साथ जाने से इनकार कर दिया था। सोमवार को उसका मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराया गया था। इस पर मंगलवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया।
फिर से हो सकती है पंचायत
कागारौल थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि कोर्ट के आदेश केबाद पूनम ने धर्मेंद्र के साथ जाने की इच्छा जताई। वह पहले ही कह चुकी थी कि उसके साथ शादी कर चुकी है। वह उसके साथ चली गई और इस मामले में अपहरण का मुकदमा खारिज कर दिया गया है।
वहीं दोनों के सगोत्र विवाह का मामला पहले ही चाहरवाटी महासभा के पास पहुंच चुका है। पूनम के पिता भी चाहर खाप के चौधरियों से मिल चुके हैं। अब गांव में इस बात की चर्चा चल रही है कि पूनम और धर्मेंद्र के साथ चले जाने के बाद इस मुद्दे पर फिर से पंचायत हो चुकी है। खाप चौधरी पहले ही कह चुके हैं कि सगोत्र विवाह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। पुलिस भी गांव पर नजर रखे है।
वहीं दोनों के सगोत्र विवाह का मामला पहले ही चाहरवाटी महासभा के पास पहुंच चुका है। पूनम के पिता भी चाहर खाप के चौधरियों से मिल चुके हैं। अब गांव में इस बात की चर्चा चल रही है कि पूनम और धर्मेंद्र के साथ चले जाने के बाद इस मुद्दे पर फिर से पंचायत हो चुकी है। खाप चौधरी पहले ही कह चुके हैं कि सगोत्र विवाह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। पुलिस भी गांव पर नजर रखे है।