{"_id":"660d04abd6cb393c510fc070","slug":"lok-sabha-election-2024-angry-chaudhary-charan-singh-had-left-the-post-of-supervisor-2024-04-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुराने पन्नों से: जब नाराज चौधरी चरण सिंह ने छोड़ दिया था पर्यवेक्षक पद; इसलिए हो गए थे खफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुराने पन्नों से: जब नाराज चौधरी चरण सिंह ने छोड़ दिया था पर्यवेक्षक पद; इसलिए हो गए थे खफा
Wed, 03 Apr 2024 12:56 PM IST
शाहरुख खान
अशोक सिंह, अमर उजाला, आगरा
अशोक सिंह, अमर उजाला, आगरा
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 03 Apr 2024 12:56 PM IST
विज्ञापन
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनता पार्टी में 1977 के दौर में अंदरूनी संकट पैदा हो गया था। देश के गृहमंत्री रहे चौधरी चरण सिंह ने यूपी की जनता पार्टी के पर्यवेक्षक पद से इस्तीफा दे दिया था। वे पार्टी प्रत्याशियों के चयन के तौर-तरीके से नाराज हो गए थे। बाद में पार्टी के नेताओं के मनाने पर उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया था।
अमर उजाला के 15 मई, 1977 के अंक में प्रकाशित समाचार के अनुसार विधानसभा चुनाव के लिए चरण सिंह को जनता पार्टी ने यूपी का पर्यवेक्षक बनाया था। प्रत्याशियों के चयन के ढंग से नाराज होकर उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
चरण सिंह कांग्रेस फॉर डेमोक्रेसी को नापंसद करते थे। वह चाहते थे कि सीएफडी को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाए। उनके त्यागपत्र से पार्टी में गतिरोध पैदा हो गया। मेरठ से दिल्ली पहुंच कर समर्थकों ने जनता पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर के निवास पर प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
पार्टी के महामंत्री रामकृष्ण हेगड़े ने उनसे इस्तीफा वापस लेने की अपील की। स्वास्थ्य मंत्री राजनारायण, पीलू मोदी और दिनेश सिंह चरण सिंह की मान मनौव्वल में लग गए। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया।
विज्ञापन
अमर उजाला के 15 मई, 1977 के अंक में प्रकाशित समाचार के अनुसार विधानसभा चुनाव के लिए चरण सिंह को जनता पार्टी ने यूपी का पर्यवेक्षक बनाया था। प्रत्याशियों के चयन के ढंग से नाराज होकर उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
विज्ञापन
चरण सिंह कांग्रेस फॉर डेमोक्रेसी को नापंसद करते थे। वह चाहते थे कि सीएफडी को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाए। उनके त्यागपत्र से पार्टी में गतिरोध पैदा हो गया। मेरठ से दिल्ली पहुंच कर समर्थकों ने जनता पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर के निवास पर प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
पार्टी के महामंत्री रामकृष्ण हेगड़े ने उनसे इस्तीफा वापस लेने की अपील की। स्वास्थ्य मंत्री राजनारायण, पीलू मोदी और दिनेश सिंह चरण सिंह की मान मनौव्वल में लग गए। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया।