{"_id":"5ea91e66ee7d7367cd171181","slug":"lockdown-not-effects-morning-vehicles-run-on-highway","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दिन में सख्ती-रात में सुस्ती, राष्ट्रीय राजमार्ग पर लॉकडाउन में फर्राटा भर रहे वाहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिन में सख्ती-रात में सुस्ती, राष्ट्रीय राजमार्ग पर लॉकडाउन में फर्राटा भर रहे वाहन
Wed, 29 Apr 2020 11:58 AM IST
Abhishek Saxena
ऋतिक चित्रांश, अमर उजाला, आगरा
ऋतिक चित्रांश, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 29 Apr 2020 11:58 AM IST
सार
भोर होते ही खुल जाते हैं हाईवे के सारे ‘लॉक’
विज्ञापन
आगरा-फिरोजाबाद के पचोखरा चेक पोस्ट पर निकलते वाहन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लॉकडाउन ने देश-दुनिया की रफ्तार थाम दी है। शहर की गलियों से लेकर हाईवे तक सन्नाटा पसरा रहता हैं, लेकिन आधी रात से भोर तक स्टेट हाईवे हो या राष्ट्रीय राजमार्ग सभी के लॉक खुल रहते हैं।
इस समय अपने वाहन को किसी भी मार्ग पर दौड़ा कर कहीं भी जा सकते हैं। चाहे फिर वह जनपद रेड जोन ही क्यों न हो। अमर उजाला की टीम ने जब आगरा से एटा और कासगंज तक पड़ताल की तब यह नजारा सामने आया।
पुलिस दिखाने के लिए
आगरा मंडल में आगरा और फिरोजाबाद दोनों ही रेड जोन में हैं। सुबह करीब पांच बजे जब आगरा की सीमा से निकले तो आसानी से फिरोजाबाद में दाखिल हो गए। इस दौरान चेक प्वाइंट पर बैठे दो पुलिसकर्मियों ने भी अपनी कुर्सी से उठने की जहमत नहीं उठाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस समय अपने वाहन को किसी भी मार्ग पर दौड़ा कर कहीं भी जा सकते हैं। चाहे फिर वह जनपद रेड जोन ही क्यों न हो। अमर उजाला की टीम ने जब आगरा से एटा और कासगंज तक पड़ताल की तब यह नजारा सामने आया।
विज्ञापन
पुलिस दिखाने के लिए
आगरा मंडल में आगरा और फिरोजाबाद दोनों ही रेड जोन में हैं। सुबह करीब पांच बजे जब आगरा की सीमा से निकले तो आसानी से फिरोजाबाद में दाखिल हो गए। इस दौरान चेक प्वाइंट पर बैठे दो पुलिसकर्मियों ने भी अपनी कुर्सी से उठने की जहमत नहीं उठाई।
विज्ञापन
चेक पोस्ट पर बिना रोक-टोक निकलते वाहन
- फोटो : अमर उजाला
एटा में भी आसानी से एंट्री
सुबह करीब 5:40 बजे हमने रेड जोन वाले जिले फ़िरोजाबाद से ऑरेंज जोन में आने वाले एटा में एंट्री की। ये सबसे खतरनाक प्वाइंट था। एक जनपद जहां पर चंद लोग ही कोरोना संक्रमण की जद में आए हैं, जबकि रेड जोन वाले फ़िरोज़ाबाद में यह तेजी से फैल रहा है।
इसके बाद भी किसी ने ध्यान नहीं दिया। साइड में लगाए गए बैरियर के बीच से वाहन आसानी से गुजर रहे थे। हालांकि करीब साढ़े छह बजे एटा जनपद की सीमा पर पुलिसकर्मी आ गए थे, और चार पहिया वाहन चालकों से पूछताछ भी कर रहे थे।
कासगंज में है नो एंट्री
कासगंज जनपद में बाहर से आने वालों की नो एंट्री है। यदि आप जनपद में प्रवेश कर भी जाएंगे तो शहर में एंट्री के लिए मशक्कत करनी होगी। यहां की सीमा पर बैरियर के साथ पुलिस तैनात है। इतना ही नहीं शहर के एंट्री प्वाइंट नदरई गेट तिराहे को पुलिस ने बैरियर लगाकर पूरी तरह से बंद कर रखा है। यहां से किसी को भी घुसने नहीं दिया जा रहा है। यदि आपके पास वाजिब कागजात हैं तभी आप शहर में जा सकते हैं।
सुबह करीब 5:40 बजे हमने रेड जोन वाले जिले फ़िरोजाबाद से ऑरेंज जोन में आने वाले एटा में एंट्री की। ये सबसे खतरनाक प्वाइंट था। एक जनपद जहां पर चंद लोग ही कोरोना संक्रमण की जद में आए हैं, जबकि रेड जोन वाले फ़िरोज़ाबाद में यह तेजी से फैल रहा है।
इसके बाद भी किसी ने ध्यान नहीं दिया। साइड में लगाए गए बैरियर के बीच से वाहन आसानी से गुजर रहे थे। हालांकि करीब साढ़े छह बजे एटा जनपद की सीमा पर पुलिसकर्मी आ गए थे, और चार पहिया वाहन चालकों से पूछताछ भी कर रहे थे।
कासगंज में है नो एंट्री
कासगंज जनपद में बाहर से आने वालों की नो एंट्री है। यदि आप जनपद में प्रवेश कर भी जाएंगे तो शहर में एंट्री के लिए मशक्कत करनी होगी। यहां की सीमा पर बैरियर के साथ पुलिस तैनात है। इतना ही नहीं शहर के एंट्री प्वाइंट नदरई गेट तिराहे को पुलिस ने बैरियर लगाकर पूरी तरह से बंद कर रखा है। यहां से किसी को भी घुसने नहीं दिया जा रहा है। यदि आपके पास वाजिब कागजात हैं तभी आप शहर में जा सकते हैं।
पड़ोसी जनपद में है चौकसी
एटा और कासगंज दोनों ही जनपदों के पड़ोसी जनपद फर्रुखाबाद में कड़ी चौकसी है। ग्रीन जोन में आने के कारण इस जनपद में बाहरी क्षेत्रों से आवागमन काफी मुश्किल है। साथ ही बॉर्डर के आसपास के क्षेत्रों में बाजार भी बहुत कम समय के लिए ही खोला जा रहा है।
एटा और कासगंज दोनों ही जनपदों के पड़ोसी जनपद फर्रुखाबाद में कड़ी चौकसी है। ग्रीन जोन में आने के कारण इस जनपद में बाहरी क्षेत्रों से आवागमन काफी मुश्किल है। साथ ही बॉर्डर के आसपास के क्षेत्रों में बाजार भी बहुत कम समय के लिए ही खोला जा रहा है।