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लॉकडाउन पर भारी आस्था- - घाटों पर पहरा तो ग्रामीण क्षेत्रों से कांवड़ भर ले गए भोलेभक्त
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कासगंज के बाजार से निकलती कांवड़ियों की टोली
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। कोरोना के चलते सावन माह में भगवान शिव की पूजा अर्चना घरों में ही रहकर करने पर जोर है। कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित है। घाटों पर श्रद्धालु गंगाजल भरने न पहुंचे इसके लिए कड़ी पहरेदारी है। इस बीच मध्यप्रदेश से भोले भक्त मुख्य घाटों तक न पहुंचकर ग्रामीण क्षेत्रों के गंगाकिनारे से कांवड़ में जल भर ले गए।
सावन माह में गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक करने की विशेष मान्यता है। हर साल राजस्थान, मध्यप्रदेश सहित दूर दराज इलाकों से शिव भक्त कासगंज के लहरा गंगाघाट पर कांवड़ भरने पहुंचते थे। इस बार कोरोना संक्रमण के खौफ के कारण लहरा घाट पर पुलिस का कड़ा पहरा है।
यहां भोलेभक्तों को कांवड़ में गंगाजल नहीं भरने दिया जा रहा, लेकिन तब भी भक्तों में उत्साह दिख रहा है। मध्यप्रदेश के शिवपुरी सहित कुछ अन्य क्षेत्रों के शिवभक्त शनिवार को कांवड़ में गंगाजल लेकर शहर से गुजरते दिखाई दिए।
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- हर साल गंगाजल ले जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इस बार कोरोना के कारण लॉकडाउन है, लेकिन सामाजिक दूरी का पालन करते हुए कांवड़ में जलभरकर ले जा रहे हैं। - लोकेंद्र।
- कोरोना का खौफ भी है, लेकिन भगवान शिव की पूजा अर्चना भी जरूरी है। हमें भोले में आस्था है। इसलिए हम ग्रामीण क्षेत्र के गंगाकिनारे से गंगाजल भर लाए। - हरीश कुमार।
- कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध है। गंगाघाटों पर पुलिस तैनात है। सोरों में कांवड़ साज सज्जा की दुकानें भी नहीं लगने दी गई हैं। - रिपुदमन सिंह, कोतवाली प्रभारी, सोरों।
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सावन माह में गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक करने की विशेष मान्यता है। हर साल राजस्थान, मध्यप्रदेश सहित दूर दराज इलाकों से शिव भक्त कासगंज के लहरा गंगाघाट पर कांवड़ भरने पहुंचते थे। इस बार कोरोना संक्रमण के खौफ के कारण लहरा घाट पर पुलिस का कड़ा पहरा है।
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यहां भोलेभक्तों को कांवड़ में गंगाजल नहीं भरने दिया जा रहा, लेकिन तब भी भक्तों में उत्साह दिख रहा है। मध्यप्रदेश के शिवपुरी सहित कुछ अन्य क्षेत्रों के शिवभक्त शनिवार को कांवड़ में गंगाजल लेकर शहर से गुजरते दिखाई दिए।
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- हर साल गंगाजल ले जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इस बार कोरोना के कारण लॉकडाउन है, लेकिन सामाजिक दूरी का पालन करते हुए कांवड़ में जलभरकर ले जा रहे हैं। - लोकेंद्र।
- कोरोना का खौफ भी है, लेकिन भगवान शिव की पूजा अर्चना भी जरूरी है। हमें भोले में आस्था है। इसलिए हम ग्रामीण क्षेत्र के गंगाकिनारे से गंगाजल भर लाए। - हरीश कुमार।
- कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध है। गंगाघाटों पर पुलिस तैनात है। सोरों में कांवड़ साज सज्जा की दुकानें भी नहीं लगने दी गई हैं। - रिपुदमन सिंह, कोतवाली प्रभारी, सोरों।