लॉकडाउन में घर नहीं जा पाया तो दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- मालिकन ने नहीं की मदद
मेघालय के शिलांग निवासी एल्ड्रिन लिंगदोह का शव रेस्टोरेंट में फंदे से लटका मिला। मरने से पहले उसने अपने मोबाइल से शिलांग में रिश्तेदारों को सुसाइड नोट भेजा।
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इससे पहले उसने व्हाट्सएप से रिश्तेदारों को सुसाइड नोट भेज दिया था। इसमें आरोप है कि लॉकडाउन में घर जाने के लिए सीमा से मदद मांगी तो उन्होंने इनकार कर दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
एल्ड्रिन शिलांग निवासी था। मेघालय कीएडीजी कानून व्यवस्था ईडा शीशा ने मंगलवार सुबह आगरा के एडीजी जोन अजय आनंद को सुसाइड नोट फॉरवर्ड करते हुए मामले की जानकारी दी थी। एडीजी के निर्देश पर एएसपी सौरभ दीक्षित पुलिस फोर्स के साथ रेस्तरां पर पहुंचे। छत पर चढ़कर देखा गया तो टिनशेड में फंदे से युवक लटका मिला।
वाट्सएप पर भेजा सुसाइड नोट
मैं एल्ड्रिन लिंगदोह हूं। एक गरीब परिवार में पैदा हुआ। माता-पिता की मौत हो चुकी है। मैं कुछ करने की चाहत में वहां से निकल आया। मैं अपनी जिंदगी बदलना चाहता था। आगरा में कारगिल पेट्रोल पंप चौराहा के पास शांति फूड कोर्ट रेस्टोरेंट में काम कर रहा था।
मोदीजी के लॉकडाउन ने मेरे लिए सारे रास्ते बंद कर दिए। कोई जगह ऐसी नहीं थी जहां मैं जाता। रेस्टोरेंट मालिक ने भी मुझ पर दया नहीं की। मालकिन सीमा चौधरी से मैंने मदद मांगी। उन्होंने कह दिया कि जहां जाना हो वहां जाओ। मैंने कहा कि मेरी मदद करो। मैं कहीं नहीं जा सकता। मैं आपसे एक मदद चाहता हूं। अगर आप मानवता रखते हैं तो कृपया मेरे शव को मेरे टाउन में पहुंचा देना, जिससे मुझे शांति मिल सके।
भगवान के नाम पर इतना कर देना। क्योंकि आज मैं नहीं रहूंगा। मैं मजाक नहीं कर रहा। सीमा चौधरी सोचती हैं कि उनके ससुर मंत्री हैं तो वे कुछ भी करेंगी।
यह लिखा सुसाइड नोट में
केस दर्ज कर जांच करेंगे - एएसपी
एएसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि युवक की मोबाइल की कॉल डिटेल से यह पता किया जाएगा कि वह रेस्टोरेंट में कब से था। जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। परिजनों के आने का इंतजार किया जा रहा।
मंत्री ने कहा, कर्मचारी को निकाला जा चुका था
राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह का कहना है कि रेस्तरां को उनकी पुत्रवधू के मायके वाले चलाते हैं। कर्मचारी एल्ड्रिन को चोरी में सिकंदरा थाने से जेल भेजा गया था। वह छह महीने बाद छूटा था। उसे टीबी की बीमारी हो गई थी। इसके बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया था।
छह माह से वह दिल्ली में ही नौकरी कर रहा था। लॉकडाउन के बाद यहां आ गया था। रेस्टोरेंट के कर्मचारियों से आकर मिला था। रेस्टोरेंट बंद था, इसलिए उसे काम पर नहीं रखा गया। वह सीढ़ी लगाकर छत पर चढ़ गया और खुदकशी कर ली। रेस्तरां में कैमरे लगे हैं, सब साफ हो जाएगा। वह छत पर कैसे चढ़ा, इसकी पुलिस जांच कर रही है।