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रिश्तों के जख्मों पर मरहम लगा गया लॉकडाउन: लोग घरों में रहे तो मजबूत हुए रिश्ते, मिट गए फासले

Tue, 10 Aug 2021 11:52 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 10 Aug 2021 11:52 AM IST
सार

लॉकडाउन ने पति-पत्नी के बीच की कलह भी मिटाई। कोरोना काल में लोगों के बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगे। लोग घरों में रहे तो रिश्तों में गरमाहट लौटी। 

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Lockdown has healed the wounds of relationships of husband wife in agra
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

आगरा में अपनों को खोने का दर्द देखकर कई दंपतियों ने अपने झगड़े भुला दिए। लॉकडाउन के दौरान कहीं जा नहीं सकते थे तो एक-दूसरे से बातचीत भी अधिक हुई। गिले-शिकवे दूर हुए और रिश्तों के जख्मों को मरहम लगा। परिवार परामर्श केंद्र के आंकड़े बताते हैं कि इस साल जून तक आए 1,372 में से 773 मामलों का निस्तारण केंद्र में हो गया है। पिछले वर्ष 2020 में आए 802 मामलों में से भी 642 मामलों को भी निपटा दिया गया है।

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संकट के चित्र से मिला समाधान
कोरोना काल में ऑक्सीजन संकट की एक तस्वीर ने ताजनगरी की सुजाता और उनके पति मुकेश के बीच रिश्तों की डोर को मजबूत कर दिया। दोनों में झगड़े पर मामला परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा था। सुजाता ने बताया कि मैंने एक फोटो देखा, जिसमें एक पत्नी अपने पति के जीवन के लिए उसे मुंह से सांस देने की कोशिश कर रही है। उस दर्द भरे चित्र से सुजाता में बदलाव आया। उन्होंने बताया कि मुझे जीवन की अहमियत का एहसास हुआ। पति मुकेश ने भी बातें समझना शुरू किया। फिर से दोनों ने जीवनभर साथ चलने का फैसला लिया। 

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बातचीत हुई, सुधरा रिश्ता
शाहगंज निवासी मंजू शर्मा ने बताया कि परिवार परामर्श केंद्र पर हम दोनों का मामला चल रहा था। लॉकडाउन में पति अभिषेक ने घर में काफी समय बिताया। भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच एक ठहराव मिला। दोनों के बीच काफी बाचतीत हुई। गलतफहमियों से उलझे मामले घर में ही सुलझ गए। हम दोनों ने मिलकर फैसला लिया कि सफर साथ-साथ तय करेंगे।

दो महीने में आधे हो गए मामले: डॉ. गुरनानी
मनोरोग चिकित्सक डॉ. केसी गुरनानी का कहना है कि पिछले दो महीनों से पति और पत्नी के बीच आने वाले शक के मामलों में कमी आई है। पहले महीनेभर में इस तरह के 15 मामले तक आ जाते थे, वहीं अब पूरे महीने में इनकी संख्या सात से भी कम रहती है। ऐसे मामलों में गिरावट का मुख्य कारण लॉकडाउन के दौरान पति और पत्नी के बीच बढ़ा संवाद और अपनों को खोने के दर्द को महसूस करना है। 

दो दंपतियों की कलह खत्म
महिला थाना रकाबगंज में सोमवार को महिला पुलिसकर्मियों द्वारा की गई काउंसिलिंग में दो दंपतियों के बीच का विवाद सुलझ गया। ताजगंज क्षेत्र की रहने वाली महिला का आरोप था कि पति रोज शराब पीकर घर आता था और मारपीट करता था। काउंसिलिंग के बाद युवक ने अपनी पत्नी के साथ मारपीट न करने और शराब पीकर घर न आने की लिखित में सहमति दर्ज कराई।  

वहीं इरादतनगर क्षेत्र की महिला का आरोप था कि जब से वह मायके आई है। पति विदा कराने नहीं आया। काउंसिलिंग के बाद पति ने पत्नी को ससुराल से ससम्मान अपने घर लाने की सहमति जताई सोमवार को महिला थाना रकाबगंज में सात नये मामले आए व 15 मामले डाक द्वारा प्राप्त हुए। 53 काउंसिलिंग फाइल में से 43 लोग उपस्थित हुए। 
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