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घर से बुलाकर युवक की हत्या करने वाले को आजीवन कारावास
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मैनपुरी। थाना भोगंाव क्षेत्र में घर से बुलाकर युवक की हत्या करने वाले को एफटीसी (द्वितीय) जज तरन्नुम खान ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 80 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
थाना भोगंाव क्षेत्र के विनोदपुर निवासी राजवीर पाल की चार मई 2014 की रात आठ बजे गांव के पास सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। राजवीर के पिता सरनाम सिंह पाल ने रिपोर्ट थाना किशनी के गंाव मनिगांव गोंडा निवासी दिलीप कुमार पाल के खिलाफ लिखाई थी। कहा कि दिलीप राजवीर को घर से बुलाकर ले गया और सिर में गोली मारकर हत्या कर दी है। पुलिस ने दिलीप के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की गवाही के आधार पर दिलीप को राजवीर की हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी अभिषेक गुप्ता और पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने उसे कड़ी सजा देने की दलील दी। जज ने दिलीप को आजीवन कारावास की सजा और 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
दिलीप को पुलिस ने घटना के बाद जेल भेज दिया। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। पूरा मुकदमा जेल में रहकर लड़ना पड़ा। शनिवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से अदालत में लाया गया। देर शाम फिर से जेल भेज दिया गया।
वारिसान को मिलेंगे 60 हजार रुपये
दिलीप पर 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि जज ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की धनराशि में से 60 हजार रुपये राजवीर के वारिसान को दिए जाएंगे।
प्रेम संबंध के चलते की थी हत्या
राजवीर की शादी पूनम निवासी हनुमानगढ़ राजस्थान के साथ 2014 में तय हुई थी। 27 अप्रैल को लगुन के बाद नौ मई को बारात जानी थी। लगुन में दिलीप भी शामिल हुआ था। पुलिस के अनुसार दिलीप के संबंध पूनम से थे। जिसके चलते उसने राजवीर को घर से बुलाकर हत्या कर दी थी।
तमंचा रखने में पंाच साल की सजा
पुलिस ने दिलीप के पास से हत्या में प्रयोग किया गया तमंचा बरामद किया था। तत्कालीन इंस्पेक्टर भोगंाव एमए काजी ने दिलीप के खिलाफ तमंचा रखने की रिपोर्ट लिखाई थी। जज ने उसे तमंचा रखने के आरोप में पांच साल की सजा सुनाई है।
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थाना भोगंाव क्षेत्र के विनोदपुर निवासी राजवीर पाल की चार मई 2014 की रात आठ बजे गांव के पास सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। राजवीर के पिता सरनाम सिंह पाल ने रिपोर्ट थाना किशनी के गंाव मनिगांव गोंडा निवासी दिलीप कुमार पाल के खिलाफ लिखाई थी। कहा कि दिलीप राजवीर को घर से बुलाकर ले गया और सिर में गोली मारकर हत्या कर दी है। पुलिस ने दिलीप के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
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मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की गवाही के आधार पर दिलीप को राजवीर की हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी अभिषेक गुप्ता और पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने उसे कड़ी सजा देने की दलील दी। जज ने दिलीप को आजीवन कारावास की सजा और 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
दिलीप को पुलिस ने घटना के बाद जेल भेज दिया। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। पूरा मुकदमा जेल में रहकर लड़ना पड़ा। शनिवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से अदालत में लाया गया। देर शाम फिर से जेल भेज दिया गया।
वारिसान को मिलेंगे 60 हजार रुपये
दिलीप पर 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि जज ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की धनराशि में से 60 हजार रुपये राजवीर के वारिसान को दिए जाएंगे।
प्रेम संबंध के चलते की थी हत्या
राजवीर की शादी पूनम निवासी हनुमानगढ़ राजस्थान के साथ 2014 में तय हुई थी। 27 अप्रैल को लगुन के बाद नौ मई को बारात जानी थी। लगुन में दिलीप भी शामिल हुआ था। पुलिस के अनुसार दिलीप के संबंध पूनम से थे। जिसके चलते उसने राजवीर को घर से बुलाकर हत्या कर दी थी।
तमंचा रखने में पंाच साल की सजा
पुलिस ने दिलीप के पास से हत्या में प्रयोग किया गया तमंचा बरामद किया था। तत्कालीन इंस्पेक्टर भोगंाव एमए काजी ने दिलीप के खिलाफ तमंचा रखने की रिपोर्ट लिखाई थी। जज ने उसे तमंचा रखने के आरोप में पांच साल की सजा सुनाई है।