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Agra News: होने वाले दामाद की हत्या में दोषी ससुर को आजीवन कारावास
Wed, 14 Aug 2024 12:09 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Wed, 14 Aug 2024 12:09 AM IST
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कासगंज। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुतोष कुमार शर्मा के न्यायालय ने शादी से पहले बेटी से बात करने पर होने वाले दामाद की गोली मारकर हत्या करने के दोषी ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 55 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
हाथरस के ग्राम सिंधौली निवासी सुमित चौहान की शादी शिवानी पुत्री धर्मवीर निवासी कायमपुर सिढ़पुरा के साथ तय हो गई। शादी तय होने के बाद शिवानी एवं सुमित के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। शिवानी ने सात मई 2018 को सुमित को बुलाया। वह उसके बुलाने पर मिलने चला गया। इस बात की भनक शिवानी के पिता को लग गई। शादी से पहले बातचीत करना उनको नागवार गुजरा। पिता धर्मवीर ने सुमित को पीछे से गोली मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। भाई आशुतोष ने नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की विवेचना करने के बाद हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद कर लिया और उसे जेल भेज दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने मामले की पैरवी की। कोर्ट में धर्मवीर का दोष सिद्ध हो गया। दोष सिद्ध होने पर कोर्ट ने धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 50 हजार का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक साल के अतिरिक्त कारावास का सजा में प्रावधान किया गया है। धारा 25 आर्म्स एक्ट में पांच साल की सजा के साथ पांच हजार का जुर्माना लगाया है।
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हाथरस के ग्राम सिंधौली निवासी सुमित चौहान की शादी शिवानी पुत्री धर्मवीर निवासी कायमपुर सिढ़पुरा के साथ तय हो गई। शादी तय होने के बाद शिवानी एवं सुमित के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। शिवानी ने सात मई 2018 को सुमित को बुलाया। वह उसके बुलाने पर मिलने चला गया। इस बात की भनक शिवानी के पिता को लग गई। शादी से पहले बातचीत करना उनको नागवार गुजरा। पिता धर्मवीर ने सुमित को पीछे से गोली मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। भाई आशुतोष ने नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की विवेचना करने के बाद हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद कर लिया और उसे जेल भेज दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने मामले की पैरवी की। कोर्ट में धर्मवीर का दोष सिद्ध हो गया। दोष सिद्ध होने पर कोर्ट ने धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 50 हजार का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक साल के अतिरिक्त कारावास का सजा में प्रावधान किया गया है। धारा 25 आर्म्स एक्ट में पांच साल की सजा के साथ पांच हजार का जुर्माना लगाया है।
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