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हत्यारे पिता सहित दो पुत्रों को आजीवन कारावास
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मैनपुरी। थाना भोगांव के गांव सिवाई में 12 साल पहले छत पर लेटे वृद्ध की हत्या करने के दोषी पिता सहित दो पुत्रों को एफटीसी प्रथम की जज निधि ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने केे बाद तीनों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
थाना भोगांव के गांव सिवाई निवासी कमलेश कुमार छह जुलाई 2009 की रात आठ बजे मकान की छत पर अपने पुत्र लोकेश, मां राममूर्ति के साथ छत पर लेटे हुए थे। तभी गांव के लालाराम, उनके पुत्र धर्मेंद्र और जितेंद्र छत पर पहुंच गए। उन्होंने कमलेश कुमार की हत्या कर दी। राममूर्ति घायल हो गईं। लोकेश ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच करके तीनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी थी।
मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम की जज निधि की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने उनके खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर तीनों को कमलेश की हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी मुकुल रायजादा ने उनको कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी प्रथम की जज निधि ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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अदालत में धर्मेंद्र द्वारा गोली मारने की बात गवाहों ने बताई। पुलिस ने उसके पास से तमंचा बरामद भी किया था। एडीजीसी मुकुल रायजादा ने बताया कि धर्मेंद्र के खिलाफ तमंचा रखने का आरोप साबित होने पर एफटीसी प्रथम की जज निधि ने धर्मेंद्र को तीन साल की सजा सुनाई है। उस पर दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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थाना भोगांव के गांव सिवाई निवासी कमलेश कुमार छह जुलाई 2009 की रात आठ बजे मकान की छत पर अपने पुत्र लोकेश, मां राममूर्ति के साथ छत पर लेटे हुए थे। तभी गांव के लालाराम, उनके पुत्र धर्मेंद्र और जितेंद्र छत पर पहुंच गए। उन्होंने कमलेश कुमार की हत्या कर दी। राममूर्ति घायल हो गईं। लोकेश ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच करके तीनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी थी।
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मुकदमे की सुनवाई एफटीसी प्रथम की जज निधि की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने उनके खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर तीनों को कमलेश की हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी मुकुल रायजादा ने उनको कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी प्रथम की जज निधि ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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अदालत में धर्मेंद्र द्वारा गोली मारने की बात गवाहों ने बताई। पुलिस ने उसके पास से तमंचा बरामद भी किया था। एडीजीसी मुकुल रायजादा ने बताया कि धर्मेंद्र के खिलाफ तमंचा रखने का आरोप साबित होने पर एफटीसी प्रथम की जज निधि ने धर्मेंद्र को तीन साल की सजा सुनाई है। उस पर दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।