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आगरा: जाति, आय, निवास आदि प्रमाण पत्र बनवाने में आएगी दिक्कत, यह है वजह
Tue, 05 Nov 2019 01:14 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 05 Nov 2019 01:14 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
जाति, आय, निवास आदि प्रमाण पत्रों के आवेदकों को आज से दिक्कत होने वाली है। अपने क्षेत्र के अलावा दूसरे हल्के का काम देख रहे आगरा जिले के 119 लेखपाल पांच नवंबर को अतिरिक्त कार्यभार छोड़ देंगे।
संबंधित तहसील के लेखपाल अपने-अपने वरिष्ठ अधिकारियों को बस्ते सौंप देंगे। इससे विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, किसान सम्मान निधि के पात्र लाभार्थियों के सत्यापन में भी अड़चन आएगी।
दरअसल, वेतन विसंगति, समय पर पदोन्नति होने, ग्रेड पे बढ़ाने, भत्तों का भुगतान होने आदि मांगों को लेकर लेखपाल संघ का पांच नवंबर से आंदोलन शुरू हो रहा है। इसकी शुरुआत वो, 'जितना वेतन, उतना काम' आंदोलन से कर रहे हैं। यानी लेखपाल अब सिर्फ अपने क्षेत्र का ही काम देखेंगे।
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संबंधित तहसील के लेखपाल अपने-अपने वरिष्ठ अधिकारियों को बस्ते सौंप देंगे। इससे विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, किसान सम्मान निधि के पात्र लाभार्थियों के सत्यापन में भी अड़चन आएगी।
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दरअसल, वेतन विसंगति, समय पर पदोन्नति होने, ग्रेड पे बढ़ाने, भत्तों का भुगतान होने आदि मांगों को लेकर लेखपाल संघ का पांच नवंबर से आंदोलन शुरू हो रहा है। इसकी शुरुआत वो, 'जितना वेतन, उतना काम' आंदोलन से कर रहे हैं। यानी लेखपाल अब सिर्फ अपने क्षेत्र का ही काम देखेंगे।
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आंदोलन के तहत लेखपाल अतिरिक्त क्षेत्र का दायित्व छोड़ देंगे। इससे इन क्षेत्रों में प्रमाण पत्रों के आवेदकों को परेशानी उठानी पड़ेगी। बता दें कि जाति, आय, निवास आदि प्रमाण पत्रों पर लेखपाल ऑनलाइन रिपोर्ट लगाते हैं।
लेखपाल संघ के आगरा जिलाध्यक्ष चौधरी भीमसेन का कहना है कि मांगों के संबंध में कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन दिया जा चुका है लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। इसके बाद ही आंदोलन का निर्णय लिया गया है।
लेखपाल संघ के आगरा जिलाध्यक्ष चौधरी भीमसेन का कहना है कि मांगों के संबंध में कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन दिया जा चुका है लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। इसके बाद ही आंदोलन का निर्णय लिया गया है।