{"_id":"66c71ebeb7893e3a8f08abf6","slug":"leave-traditional-farming-cdo-told-farmersway-to-increase-income-2024-08-22","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Etah News: परंपरागत खेती छोड़ें... सीडीओ ने किसानों को बताया इनकम बढ़ाने का तरीका, देखें वीडियो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: परंपरागत खेती छोड़ें... सीडीओ ने किसानों को बताया इनकम बढ़ाने का तरीका, देखें वीडियो
Thu, 22 Aug 2024 04:49 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 22 Aug 2024 04:49 PM IST
सार
एटा में जिला स्तरीय खरीफ किसान गोष्ठी में किसानों को बताया गया कि वे अपनी आय कैसे बढ़ा सकते हैं। इसके लिए बताया गया कि उन्हें परंपरागत खेती छोड़कर नए तरीके अपनाने की जरूरत है।
विज्ञापन
सीडीओ डाॅ. अवधेश कुमार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एटा में जिला स्तरीय किसान मेला एवं खरीफ किसान गोष्ठी का आयोजन बृहस्पतिवार को पंचायत संसाधन केंद्र अलीगंज रोड पर किया गया। मुख्य अतिथि सीडीओ डाॅ. अवधेश कुमार बाजपेयी ने कहा कि कृषि में आय बढ़ाने की तमाम संभावनाएं हैं। परंपरागत खेती छोड़कर नए तरीके अपनाएं तो निश्चित रूप से आय में बढ़ोतरी होगी।
सीडीओ ने कहा कि खरीफ में मुख्य रूप से धान, मक्का, बाजरा की खेती जिले में की जाती है। अच्छी पैदावार होने के बाद भी बहुत ज्यादा बचत नहीं हो पाती। किसानों को मसाला, फूल और औषधीय खेती की ओर जाना चाहिए। इससे दोगुनी आमदनी बढ़ने की संभावनाएं हैं। उप निदेशक कृषि रोताश कुमार ने कहा कि किसान अपने तरीके से खेती करते हैं, जबकि कृषि विभाग में वैज्ञानिक और सलाहकार हैं। इनसे परामर्श लेकर खेती की जाए तो जरूर आय बढ़ेगी।
विज्ञापन
सीडीओ ने कहा कि खरीफ में मुख्य रूप से धान, मक्का, बाजरा की खेती जिले में की जाती है। अच्छी पैदावार होने के बाद भी बहुत ज्यादा बचत नहीं हो पाती। किसानों को मसाला, फूल और औषधीय खेती की ओर जाना चाहिए। इससे दोगुनी आमदनी बढ़ने की संभावनाएं हैं। उप निदेशक कृषि रोताश कुमार ने कहा कि किसान अपने तरीके से खेती करते हैं, जबकि कृषि विभाग में वैज्ञानिक और सलाहकार हैं। इनसे परामर्श लेकर खेती की जाए तो जरूर आय बढ़ेगी।
विज्ञापन
जिला कृषि अधिकारी डाॅ. मनवीर सिंह ने कहा कि वर्तमान में देखा जा रहा है किसान क्षमता से अधिक उर्वरक का उपयोग कर रहे हैं, जो भविष्य में घातक साबित हो सकता है। मिट्टी की जांच कराएं, उसकी रिपोर्ट के आधार पर उर्वरक व अन्य तत्वों को खेत में प्रयोग करें। जिला उद्यान अधिकारी डाॅ. सुनील कुमार, एलडीएम प्रीतम सिंह और एआर कोऑपरेटिव सतीश कुमार ने भी विचार रखे।
पानी को परेशान रहे किसान
कृषि विभाग की ओर से आयोजित मेला व गोष्ठी में जिले भर से किसान आए। लेकिन पीने के पानी की व्यवस्था नहीं की गई। किसान हरपाल सिंह व राजवीर सिंह ने बताया कि सुबह आए हैं लेकिन पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि दोपहर के 12 बजे चुके हैं। इसके अलावा भीषण गर्मी के दौरान जेनरेटर खराब हो गया। इसकी वजह से किसानों को हॉल से बाहर निकलना पड़ा।
कृषि विभाग की ओर से आयोजित मेला व गोष्ठी में जिले भर से किसान आए। लेकिन पीने के पानी की व्यवस्था नहीं की गई। किसान हरपाल सिंह व राजवीर सिंह ने बताया कि सुबह आए हैं लेकिन पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि दोपहर के 12 बजे चुके हैं। इसके अलावा भीषण गर्मी के दौरान जेनरेटर खराब हो गया। इसकी वजह से किसानों को हॉल से बाहर निकलना पड़ा।