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सीजेआई को पत्र लिखकर इस अधिकारी के खिलाफ क्यों कार्रवाई करवाना चाहता है ये शख्स
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भोगांव (मैनपुरी)। सुप्रीम कोर्ट के लिए अपशब्द कहे जाने के मामले में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया से शिकायत की गई है। पत्र में क्षेत्राधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की भी मांग की गई है।
थाना क्षेत्र के गांव कमलपुर निवासी अवध बिहारी मिश्रा ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को एक शिकायत भेजी है। इसमें कहा है कि 17 जनवरी को वह एसडीएम के आदेश को लेकर थाने गए थे। कोतवाली में क्षेत्राधिकारी प्रयांक जैन, प्रभारी निरीक्षक पहुप सिंह के साथ बैठे हुए थे। उसे देखते ही पुलिस ने न्यायालय द्वारा जारी वारंट के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। जबकि एसडीएम के आदेश पर कोई ध्यान नहीं दिया। उसने गिरफ्तारी को कानून का उल्लंघन बताते हुए विरोध किया तो क्षेत्राधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट के विरुद्ध अपशब्द कहते हुए जेल भिजवा दिया। प्रार्थना पत्र में कहा है कि पुलिस ने उन्हें थाने पहुंचने पर गिरफ्तार किया था जो थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों से साक्ष्य के रूप में दर्ज होगा। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी टेंपो स्टैंड से होना दिखाई है। पत्र में चीफ जस्टिस से कोर्ट को अपशब्द कहने वाले क्षेत्राधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने मांग की है।
मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। वारंट के आधार पर पुलिस ने गिरफ्तारी की थी। माननीय न्यायालय को लेकर कोई वार्ता ही नहीं हुई।
-प्रयांक जैन, सीओ भोगांव।
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थाना क्षेत्र के गांव कमलपुर निवासी अवध बिहारी मिश्रा ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को एक शिकायत भेजी है। इसमें कहा है कि 17 जनवरी को वह एसडीएम के आदेश को लेकर थाने गए थे। कोतवाली में क्षेत्राधिकारी प्रयांक जैन, प्रभारी निरीक्षक पहुप सिंह के साथ बैठे हुए थे। उसे देखते ही पुलिस ने न्यायालय द्वारा जारी वारंट के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। जबकि एसडीएम के आदेश पर कोई ध्यान नहीं दिया। उसने गिरफ्तारी को कानून का उल्लंघन बताते हुए विरोध किया तो क्षेत्राधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट के विरुद्ध अपशब्द कहते हुए जेल भिजवा दिया। प्रार्थना पत्र में कहा है कि पुलिस ने उन्हें थाने पहुंचने पर गिरफ्तार किया था जो थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों से साक्ष्य के रूप में दर्ज होगा। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी टेंपो स्टैंड से होना दिखाई है। पत्र में चीफ जस्टिस से कोर्ट को अपशब्द कहने वाले क्षेत्राधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने मांग की है।
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मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। वारंट के आधार पर पुलिस ने गिरफ्तारी की थी। माननीय न्यायालय को लेकर कोई वार्ता ही नहीं हुई।
-प्रयांक जैन, सीओ भोगांव।