{"_id":"63b2b5c266b6bf35c84e730b","slug":"land-mafia-doing-illegal-plotting-on-agricultural-land-and-selling-in-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लहलहा रही अवैध निर्माणों की ‘फसल’: सस्ते प्लॉट के झांसे में फंस रहे खरीदार, एक्शन हुआ तो लाखों हो जाएंगे बेघर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लहलहा रही अवैध निर्माणों की ‘फसल’: सस्ते प्लॉट के झांसे में फंस रहे खरीदार, एक्शन हुआ तो लाखों हो जाएंगे बेघर
Mon, 02 Jan 2023 04:15 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Mon, 02 Jan 2023 04:15 PM IST
सार
आगरा में कृषि योग्य जमीन को बिना कमर्शियल पर ट्रांसफर कराए माफिया उसमें प्लाटिंग करके बेंच रहे हैं। सस्ते प्लॉट मिलने के चक्कर में लोग इन्हें खरीद भी रहे हैं।
विज्ञापन
आगरा विकास प्राधिकरण
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केस एक: 17 नवंबर 2022 को एडीए ने बिचपुरी के चौहटना गांव में कृषि भूमि पर बन रही अवैध कॉलोनी को ध्वस्त किया था। यहां लगभग आठ हजार वर्ग मीटर भूमि पर बिना मानचित्र व अनुमति के दीवार और गेट लगाकर कॉलोनी का बोर्ड टांगने के बाद प्लॉटिंग हो रही थी।
केस दो: तीन नवंबर 2022 को बिचपुरी के चौहटना गांव में ही एडीए प्रवर्तन दल ने सात हजार वर्ग मीटर में निर्माणधीन अवैध कॉलोनी को ध्वस्त किया। इसका नक्शा पास नहीं था। कॉलोनी में गेट और सड़क बनाकर अवैध प्लॉटिंग हो रही थी। कृषि भूमि को आबादी का घोषित नहीं किया गया था।
आगरा के सिकंदरा, रोहता, मलपुरा, बिचपुरी से लेकर शमसाबाद रोड तक कृषि भूमि पर अवैध निर्माणों की ‘फसल’ लहलहा रही है। प्राधिकरण और बिल्डरों की सांठगांठ से अवैध कॉलोनियां बनाई जा रही हैं। बिना मानचित्र स्वीकृति और अनुमति के प्लॉट बेचे जा रहे हैं। सस्ते प्लॉट के झांसे में खरीदार फंसकर अपनी रकम गवां रहे हैं। खरीदार के निर्माण करने पर एडीए नोटिस थमाकर निर्माण रोक देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
केस दो: तीन नवंबर 2022 को बिचपुरी के चौहटना गांव में ही एडीए प्रवर्तन दल ने सात हजार वर्ग मीटर में निर्माणधीन अवैध कॉलोनी को ध्वस्त किया। इसका नक्शा पास नहीं था। कॉलोनी में गेट और सड़क बनाकर अवैध प्लॉटिंग हो रही थी। कृषि भूमि को आबादी का घोषित नहीं किया गया था।
विज्ञापन
आगरा के सिकंदरा, रोहता, मलपुरा, बिचपुरी से लेकर शमसाबाद रोड तक कृषि भूमि पर अवैध निर्माणों की ‘फसल’ लहलहा रही है। प्राधिकरण और बिल्डरों की सांठगांठ से अवैध कॉलोनियां बनाई जा रही हैं। बिना मानचित्र स्वीकृति और अनुमति के प्लॉट बेचे जा रहे हैं। सस्ते प्लॉट के झांसे में खरीदार फंसकर अपनी रकम गवां रहे हैं। खरीदार के निर्माण करने पर एडीए नोटिस थमाकर निर्माण रोक देता है।
विज्ञापन
रिकॉर्ड में पहले से दर्ज हैं 254 अवैध कॉलोनियां
आगरा विकास प्राधिकरण के रिकॉर्ड में पहले से 254 अवैध कॉलोनियां हैं, जिन्हें काली सूची में रखा गया है। इनके अलावा करीब 18 हजार अवैध निर्माण हो चुके हैं। अब शहरी सीमा से लगे गांवों में कृषि भूमि को बिना एडीए की अनुमति और मानचित्र बिल्डर निजी कॉलोनियां बना दे रहे हैं। एडीए में हर माह ऐसी 20 से अधिक शिकायतें पहुंच रही हैं, जिसमें लोगों की रकम फंस रही है। शमसाबाद रोड स्थित रजरई के पास 600 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि पर 80 से अधिक अवैध कॉलोनियां खड़ी हैं। इनमें रहने वाले 50 हजार से अधिक लोग नाली, सीवर, पेयजल, बिजली, हरियाली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
इधर, रुनकता, पनवारी, जऊपुरा, बिचपुरी, अंगूठी, मघटई, पथौली, अक्खे का नगला, कलवारी, उर्खरा, रोहता नहर तक बड़े पैमाने पर कृषि भूमि पर चारों तरफ दीवार खड़ीकर कॉलोनी में सस्ते प्लॉट का बोर्ड टांग दिया गया है। इसमें खरीदारों को फंसाया जा रहा है। आबादी भी बस रही है। सपोर्ट इंडिया संस्था के अध्यक्ष सुरेश चंद सोनी का आरोप है कि पूरा खेल पुलिस, प्रशासन, एडीए और बिल्डरों की मिलीभगत से चल रहा है। इसमें सत्तारूढ़ सफेदपोश का भी संरक्षण है।