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Agra News: मार्कंडेय ऋषि की तपोभूमि पर लक्खी मेला शुरू
Wed, 05 Nov 2025 11:30 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Wed, 05 Nov 2025 11:30 PM IST
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फोटो 17 महर्षि मार्कंडेय की तपोभूमि पर लगे मेले में लगी भक्तों की भीड़। संवाद
घिरोर। गांव विधूना स्थित मार्कंडेय ऋषि की तपोभूमि पर बुधवार से एक महीने तक चलने वाले मेले का शुभारंभ हो गया। पहले दिन हजारों भक्तों ने पवित्र सरोवर में डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद मंदिर में पूजा पाठ भी किया।
महर्षि मार्कंडेय की तपोभूमि विधूना का प्राचीन इतिहास है। यहां प्रतिवर्ष कार्तिका पूर्णिमा से लक्खी मेले का शुभारंभ होता है। प्रदेश भर से यहां भक्त स्नान और महर्षि के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। बुधवार रात एक बजे यहां सबसे पहले संतों ने स्नान किया। इसके बाद प्रदेशभर से यहां पहुंचे भक्तों ने स्नान ध्यान शुरू किया। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने यहां पवित्र सरोवर में स्नान के बाद महर्षि मार्कंडेय के मुख्य मंदिर पर उनकी प्रतिमा पर प्रसाद और पुष्प आदि भेंट किए व पूजा-पाठ भी किया। मेले में बच्चों, महिलाओं ने खरीदारी की। यहां लगभग एक महीने तक मेले का आयोजन होगा।
बेहतर स्वास्थ्य के लिए चढ़ाए करवा
मार्कंडेय मंदिर से पूर्व-दक्षिण दिशा की ओर मंदिर से 200 मीटर की दूरी पर वट वृक्ष है। मान्यता है कि यहां वट वृक्ष पर अनाज से भरकर करवा चढ़ाने से घर में बीमारियां नहीं आती हैं। मेले में आने वाले भक्त घर में जितने सदस्य हैं उनके हिसाब से यहां करवा भरकर चढ़ाते हैं।
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सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन रहा तैनात
मार्कंडेय ऋषि की तपोभूमि पर एक महीने तक चलने वाले मेले में सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। थानाध्यक्ष अनुज चौहान के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन मुख्य मंदिर के साथ ही मेले में भी भ्रमण करता दिखाई दिया।
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महर्षि मार्कंडेय की तपोभूमि विधूना का प्राचीन इतिहास है। यहां प्रतिवर्ष कार्तिका पूर्णिमा से लक्खी मेले का शुभारंभ होता है। प्रदेश भर से यहां भक्त स्नान और महर्षि के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। बुधवार रात एक बजे यहां सबसे पहले संतों ने स्नान किया। इसके बाद प्रदेशभर से यहां पहुंचे भक्तों ने स्नान ध्यान शुरू किया। हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने यहां पवित्र सरोवर में स्नान के बाद महर्षि मार्कंडेय के मुख्य मंदिर पर उनकी प्रतिमा पर प्रसाद और पुष्प आदि भेंट किए व पूजा-पाठ भी किया। मेले में बच्चों, महिलाओं ने खरीदारी की। यहां लगभग एक महीने तक मेले का आयोजन होगा।
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बेहतर स्वास्थ्य के लिए चढ़ाए करवा
मार्कंडेय मंदिर से पूर्व-दक्षिण दिशा की ओर मंदिर से 200 मीटर की दूरी पर वट वृक्ष है। मान्यता है कि यहां वट वृक्ष पर अनाज से भरकर करवा चढ़ाने से घर में बीमारियां नहीं आती हैं। मेले में आने वाले भक्त घर में जितने सदस्य हैं उनके हिसाब से यहां करवा भरकर चढ़ाते हैं।
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सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन रहा तैनात
मार्कंडेय ऋषि की तपोभूमि पर एक महीने तक चलने वाले मेले में सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। थानाध्यक्ष अनुज चौहान के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन मुख्य मंदिर के साथ ही मेले में भी भ्रमण करता दिखाई दिया।