फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Lab closed for 15 days, 3 thousand samples dumped

Agra News: 15 दिनों से बंद पड़ी लैब, 3 हजार नमूनें डंप

Fri, 31 Mar 2023 12:24 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Fri, 31 Mar 2023 12:24 AM IST
विज्ञापन
Lab closed for 15 days, 3 thousand samples dumped
कासगंज। जिले में कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी लापरवाही सामने आई है। शासन के अलर्ट के निर्देशों को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हवा में उड़ा रहे हैं। 15 दिन से बीएसएल लैब बंद पड़ी हैं। सैंपल की जांच के लिए आवश्यक उपकरण व रसायन आदि की उपलब्धता न होने से 3000 सैंपल प्रयोगशाला में डंप है। विभाग की यह लापरवाही जिले के लोगों के लिए कभी भी बड़ा खतरा पैदा कर सकती है।
विज्ञापन

जिले में 13 सितंबर 2022 को कोरोना का मामला आया। इसके बाद कोरोना का मामला न आने से जांच में शिथिलता आने लगी। गिने चुने सैंपल ही प्रयोगशाला को भेजे जाने लगे। काफी समय से प्रयोगशाला के लिए आवश्यक उपकरण व केमिकल आदि की खरीद न होने से धीरे-धीरे इनका स्टॉक खत्म होता चला गया। लैब से फरवरी में ही आवश्यक उपकरण व रसायन की डिमांड विभागीय अधिकारियों से की जाने लगी, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने डिमांड को नजर अंदाज कर दिया। इसका परिणाम हुआ कि लैब में जो स्टॉक था वह खत्म हो गया।
विज्ञापन

कोरोना का खतरा बढ़ने के बाद शासन से सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए, लेकिन विभाग ने कागज पर तो व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया, लेकिन हकीकत के धरातल पर इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाए गए। स्थिति यह है कि प्रयोगशाला में आवश्यक उपकरण व केमिकल का स्टॉक खत्म हो चुका है। 15 मार्च से लगातार सैंपल संग्रहित करके प्रयोगशाला तो भेजे जा रहे हैं, लेकिन इनकी जांच नहीं हो रही। बृहस्पतिवार तक करीब 3000 नमूने लैब में डंप पड़े थे। जांच न होने से इस बात का पता नहीं चल पा रहा कि जिले में कोरोना ने अपने पांव फैला लिया है या नहीं। हालांकि इस समय काफी संख्या में लोग सर्दी, खांसी, बुखार, डायरिया, सांस की बीमारी आदि की दिक्कतों से परेशान है। अब ये कोरोना संक्रमित है, या फिर सीजनली बीमारी से ग्रसित हैं, लैब टेक्नीशियन स्टाफ की मानें तो सैंपल की 48 घंटे के भीतर ही जांच हो जानी चाहिए। इस समय अवधि में होने वाली जांच से ही सही नतीजा सामने आता है। इसके बाद के सैंपल की जांच औपचारिकता मात्र के लिए रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कासगंज। प्रयोगशाला की एक साल से इंटरनेट की व्यवस्था भी फेल है। जिससे पोर्टल भी काम नहीं कर रहा। बताया जाता है कि विभागीय अधिकारियों ने इंटरनेट सेवा को भी रीचार्ज नहीं कराया है।

इन सामान की भेजी है लैब से डिमांड माइक्रोफिल्टर टेप, इलुजन प्लेट टिपकॉम टिशुपेपर फोल कंटयूम ट्यूव एमसीटी ट्यूव आरटीपीसीआर जांच के लिए जिन सामान की डिमांड लैब से की गई है उसकी जल्द ही उपलब्धता कराकार लैब में जांच कार्य शुरू कराया जाएगा-डा. मनोज सारस्वत, एडीसीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed