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बिहार घाट पर यमुना में प्रदूषण को लेकर प्रदर्शन
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यमुना में खड़े होकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते समाजसेवी कपिल उपाध्याय, ताराचंद गोस्वामी एवं
- फोटो : VRINDAVAN
वृंदावन (मथुरा)। कुंभ मेला बैठक का श्रीगणेश होने में एक माह से भी कम वक्त रह गया है, लेकिन यमुना के प्रदूषित जल को लेकर प्रशासन को चिंता नहीं है। इसी के विरोध स्वरूप वृंदावनवासियों ने शुक्रवार को बिहार घाट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के साथ सरकार को भी घेरा। जेसीबी से नाला तोड़ने की घोषणा की।
वृंदावन कुंभ मेला बैठक के मद्देनजर पिछले करीब दो माह से यमुना को लेकर आंदोलन कर रहे पड़ा पुरोहित समाज सहित अन्य लोग शुक्रवार को एक बार फिर जुगलघाट पहुंच गए। इसका नेतृत्व कर रहे कपिल देव उपाध्याय ने कहा कि कोसी ड्रेन का गंदा पानी सीधे यमुना में गिर रहा है। बड़ी मात्रा में गिर रहे गंदे पानी को रोकने के लिए कई बार अधिकारियों से आग्रह किया गया है, लेकिन वायदे हवाई साबित हो रहे हैं। मेला में एक माह से भी कम वक्त है, लेकिन इसे रोकने का प्रयास अब तक नहीं हुआ है।
इस स्थिति में कुंभ के दौरान धूमिल होने वाली वृंदावन की छवि को बचाने के लिए स्थानीय लोगों को आंदोलन करना पड़ेगा। किसान गरीब मजदूर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद्र गोस्वामी ने कहा कि अगर जल्द ही नालों को बंद नहीं किया गया तो जेसीबी लाकर इन नालों को तुड़वा दिया जाएगा। वर्तमान स्थिति से यमुना में आस्था रखने वाले समाजसेवी व श्रद्धालुओं की भावनाएं भी आहत हो रही हैं। वर्तमान में यमुना का जल आचमन करने के लायक भी नहीं है। इस दौरान इस आंदोलन में मोहनानंद, शिव शंकर दास, मानस आचार्य, नीलेश पांडेय आदि मौजूद रहे।
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वृंदावन कुंभ मेला बैठक के मद्देनजर पिछले करीब दो माह से यमुना को लेकर आंदोलन कर रहे पड़ा पुरोहित समाज सहित अन्य लोग शुक्रवार को एक बार फिर जुगलघाट पहुंच गए। इसका नेतृत्व कर रहे कपिल देव उपाध्याय ने कहा कि कोसी ड्रेन का गंदा पानी सीधे यमुना में गिर रहा है। बड़ी मात्रा में गिर रहे गंदे पानी को रोकने के लिए कई बार अधिकारियों से आग्रह किया गया है, लेकिन वायदे हवाई साबित हो रहे हैं। मेला में एक माह से भी कम वक्त है, लेकिन इसे रोकने का प्रयास अब तक नहीं हुआ है।
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इस स्थिति में कुंभ के दौरान धूमिल होने वाली वृंदावन की छवि को बचाने के लिए स्थानीय लोगों को आंदोलन करना पड़ेगा। किसान गरीब मजदूर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद्र गोस्वामी ने कहा कि अगर जल्द ही नालों को बंद नहीं किया गया तो जेसीबी लाकर इन नालों को तुड़वा दिया जाएगा। वर्तमान स्थिति से यमुना में आस्था रखने वाले समाजसेवी व श्रद्धालुओं की भावनाएं भी आहत हो रही हैं। वर्तमान में यमुना का जल आचमन करने के लायक भी नहीं है। इस दौरान इस आंदोलन में मोहनानंद, शिव शंकर दास, मानस आचार्य, नीलेश पांडेय आदि मौजूद रहे।
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