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आगरा कथा: अंग्रेज अफसर फैल्यूट से पड़ा फुलट्टी का नाम, दिलचस्प है इसका इतिहास
Wed, 24 Feb 2021 03:07 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 24 Feb 2021 03:07 PM IST
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आगरा का बाजार
- फोटो : अमर उजाला
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फुलट्टी बाजार का यह नाम पड़ने के कई किस्से हैं। इनमें से प्रमुख यह है कि वर्ष 1803 में आगरा में रहे एक अंग्रेज प्रशासनिक अफसर फैल्यूट के नाम से फुलट्टी का नाम पड़ा। इतिहासकार राज किशोर शर्मा राजे ने अपनी किताब ‘तवारीख ए आगरा’ में इसका जिक्र किया है। ब्रिटिश सेना कैंट और लालकुर्ती में रहती थी। सिविलियन अंग्रेजों ने अपने रहने के लिए अलग स्थान का चयन किया। यह छिली ईंट की घटिया के पास था। उस समय फैल्यूट प्रशासनिक अधिकारी थे। उनके बंगले के पास ही अन्य अफसर रहते थे। उस इलाके को फुलट्टी कहा जाने लगा।
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एक मत यह भी है कि अंग्रेजों को फूलों से बड़ा लगाव था। उन्होंने फूलों की कई दुकानें खुलवा दी थीं। यहां फूलों की हाट जैसी लगने लगी। इसलिए इस इलाके को फुलहट्टी कहा जाने लगा, जो आगे जाकर फुलट्टी हो गया। वर्ष 1857 के गदर के दौरान अंग्रेज यहां से भाग गए और फिर कभी लौटकर नहीं आए लेकिन नाम नहीं बदला।
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अंग्रेजों ने लगाई थी फैक्टरी
फुलट्टी के बारे में तीसरा मत भी है। इसके मुताबिक अंग्रेजों की जब रिहाइश हो गई तो उन्होंने यहां एक फैक्टरी लगाई थी। इसके बाद इस स्थान का नाम फुलट्टी पड़ा। अंग्रेजों के जाने के बाद यहां और लोग आ गए। अब यह घनी आबादी वाला इलाका है।
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एक मत यह भी है कि अंग्रेजों को फूलों से बड़ा लगाव था। उन्होंने फूलों की कई दुकानें खुलवा दी थीं। यहां फूलों की हाट जैसी लगने लगी। इसलिए इस इलाके को फुलहट्टी कहा जाने लगा, जो आगे जाकर फुलट्टी हो गया। वर्ष 1857 के गदर के दौरान अंग्रेज यहां से भाग गए और फिर कभी लौटकर नहीं आए लेकिन नाम नहीं बदला।
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अंग्रेजों ने लगाई थी फैक्टरी
फुलट्टी के बारे में तीसरा मत भी है। इसके मुताबिक अंग्रेजों की जब रिहाइश हो गई तो उन्होंने यहां एक फैक्टरी लगाई थी। इसके बाद इस स्थान का नाम फुलट्टी पड़ा। अंग्रेजों के जाने के बाद यहां और लोग आ गए। अब यह घनी आबादी वाला इलाका है।