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बच्चे पुलिस आफिस जाएंगे, खिलौनों से खेलकर आएंगे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Oct 2016 12:29 AM IST
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ताजनगरी में भी खोला गया पुलिस का चाइल्ड फ्रेंडली आफिस
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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महिलाओं के लिए अलग से थाने खोले जाने के पांच साल बाद पुलिस ने अब बच्चों के लिए चाइल्ड फ्रेंडली आफिस बनाना शुरू किया है। एक दफ्तर आगरा में भी खुला है। इसमें सुंदर खिलौने हैं, कहानियों की किताबें और मनोरंजक खेल भी। बच्चा चाहे अपराध से पीड़ित हो या उस पर कोई आरोप लगा है, उनसे बातचीत के लिए प्रशिक्षित अधिकारी भी तैनात किए गए हैं। यूनिसेफ और डा. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का यह प्रयास बच्चों के कोमल मन को पुलिस के सख्त लहजे से बचाने को है।
यह प्रोजेक्ट डा. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (डीआरएमएलएनएलयू) का है। इसमें फंडिंग यूनिसेफ की है। आगरा में आफिस खुला है एसएसपी दफ्तर के ठीक बराबर में। यहां पहले एसपी प्रोटोकॉल का आफिस था। लेकिन अब इसका लुक पूरी तरह से बदल दिया है। इसकी जिम्मेदारी एसपी प्रोटोकॉल विद्या सागर मिश्र को दी गई है। डीआरएमएलएनएलयू की प्रोजेक्ट इंचार्ज प्रिया ने बताया कि जुवेनाइल पुलिसिंग के तहत हर महीने जुवेनाइल एक्ट के तहत काम कर रही संस्थाओं की मीटिंग भी कराई जाती है।
इसमें बाल कल्याण समिति, बाल अपराध जांच बोर्ड, डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट शामिल है। आफिस को चाइल्ड फ्रेंडली रूम का रूप देने के पीछे मकसद यह है कि यहां आने पर बच्चों को दोस्ताना माहौल मिले। इसके लिए प्रत्येक थाने पर ट्रेनिंग भी दी जा रही है। उन्हें बताया गया है कि मामला चाहे किसी बच्चे पर अपराध के आरोप का हो, या बच्चों के उत्पीड़न का, उसे इसी आफिस में लाया जाए। यहां रजिस्टर भी रखवाया गया है। इसमें बच्चों से होने वाली पूछताछ का विवरण भी दर्ज रहेगा। बच्चों को उनके अधिकार भी बताए जाते हैं।
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अब इलाहाबाद में खुलेगा आफिस
अभी यह आफिस आगरा, गाजियाबाद, वाराणसी, बरेली में खुले हैं। जल्द ही इलाहाबाद में आफिस खुलने जा रहा है। इसके बाद मिर्जापुर में खोला जाएगा। प्लान सभी जिला मुख्यालयों पर दफ्तर खोलने का है।
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यह प्रोजेक्ट डा. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (डीआरएमएलएनएलयू) का है। इसमें फंडिंग यूनिसेफ की है। आगरा में आफिस खुला है एसएसपी दफ्तर के ठीक बराबर में। यहां पहले एसपी प्रोटोकॉल का आफिस था। लेकिन अब इसका लुक पूरी तरह से बदल दिया है। इसकी जिम्मेदारी एसपी प्रोटोकॉल विद्या सागर मिश्र को दी गई है। डीआरएमएलएनएलयू की प्रोजेक्ट इंचार्ज प्रिया ने बताया कि जुवेनाइल पुलिसिंग के तहत हर महीने जुवेनाइल एक्ट के तहत काम कर रही संस्थाओं की मीटिंग भी कराई जाती है।
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इसमें बाल कल्याण समिति, बाल अपराध जांच बोर्ड, डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट शामिल है। आफिस को चाइल्ड फ्रेंडली रूम का रूप देने के पीछे मकसद यह है कि यहां आने पर बच्चों को दोस्ताना माहौल मिले। इसके लिए प्रत्येक थाने पर ट्रेनिंग भी दी जा रही है। उन्हें बताया गया है कि मामला चाहे किसी बच्चे पर अपराध के आरोप का हो, या बच्चों के उत्पीड़न का, उसे इसी आफिस में लाया जाए। यहां रजिस्टर भी रखवाया गया है। इसमें बच्चों से होने वाली पूछताछ का विवरण भी दर्ज रहेगा। बच्चों को उनके अधिकार भी बताए जाते हैं।
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अब इलाहाबाद में खुलेगा आफिस
अभी यह आफिस आगरा, गाजियाबाद, वाराणसी, बरेली में खुले हैं। जल्द ही इलाहाबाद में आफिस खुलने जा रहा है। इसके बाद मिर्जापुर में खोला जाएगा। प्लान सभी जिला मुख्यालयों पर दफ्तर खोलने का है।