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राधावल्लभ मंदिर में खिचड़ी महोत्सव आठ जनवरी से, 300 वर्षों से चली आ रही है अनोखी परंपरा
Sat, 05 Jan 2019 05:01 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 05 Jan 2019 05:01 PM IST
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खिचड़ी महोत्सव
- फोटो : अमर उजाला
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वृंदावन के सप्त देवालयों में से एक प्रसिद्ध राधावल्लभ मंदिर में खिचड़ी महोत्सव आठ जनवरी से शुरू हो जाएगा। एक महीने तक चलने महोत्सव में ठाकुर राधावल्लभ महाराज प्रतिदिन निकुंज भाव में नित नए वेश में भक्तों को दर्शन देंगे।
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भगवान की श्रीकृष्ण की जन्मस्थली और क्रीड़ास्थली में वर्षभर महोत्सव मनाए जाते हैं। यहां हर ऋतु का अपना अलग महत्व है। श्रद्धालु भी अपने आराध्य को रिझाने के लिए ऋतु के अनुसार पूजा अर्चना करते हैं। इसी कड़ी में शीत ऋतु में खिचड़ी महोत्सव मनाया जाता है।
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राधावल्लभ मंदिर के सेवायत टीकैत अधिकारी राधेलाल गोस्वामी ने बताया कि खिचड़ी महोत्सव पौष माह की द्वितीया से मनाया जाएगा। खिचड़ी महोत्सव के अंतर्गत मंदिर में सुबह पांच बजे से मंदिर प्रांगण में समाज गायन प्रारंभ होगा। ठाकुर राधावल्लभ को खिचड़ी का भोग निवेदित किया जाएगा।
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इस दिव्य खिचड़ी प्रसाद में काजू, बादाम, अखरोठ, पिस्ता, जायफल, जावित्री, कालीमिर्च और लौंग जैसी गर्म मेवाओं का प्रयोग किया जाता है। सेवायत मोहित मराल गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर राधावल्लभ लाल प्रसाद ग्रहण करने के बाद भक्तों को निकुंज लीलाओं में विभिन्न वेश में दर्शन देते है।
सेवायत बताते हैं कि लगभग तीन सौ वर्ष पहले कमल नयन महाराज ने खिचड़ी महोत्सव की परंपरा शुरू की थी। इसमें ठाकुरजी को पंचमेवायुक्त खिचड़ी परोसी जाती है। इसमें समाज गायन के पद के माध्यम से ठाकुर राधावल्लभ महाराज की भोग सेवा की जाती है।