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139 गांवों की तैयार होगी अंश निर्धारण खतौनी
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मैनपुरी। जमीन के बंटवारे और अभिलेखीय त्रुटि के कारण उत्पन्न होने वाले विवादों को अंश निर्धारण खतौनी से कम किया जाएगा। इसके लिए जिले के 139 गांवों की अंश निर्धारण खतौनी तैयार करने के लिए अपर जिलाधिकारी ने आदेश जारी किया है। आदेश जारी होने के बाद राजस्व विभाग इस काम में जुट गया है।
कृषि योग्य भूमि की राजस्व विभाग के पास खतौनी होती है। इसमें गाटा संख्या और मालिकों के नाम दर्ज होते हैं। एक ही परिवार की खतौनी में नाम तो सभी के दर्ज होते हैं, लेकिन उसमें कितना हिस्सा किसका है, ये दर्ज नहीं होता है। इसके कारण बड़े पैमाने पर विवाद होते हैं।
न्यायालयों में भी 30 प्रतिशत विवाद अंश निर्धारण के ही आते हैं। इन विवादों को कम करने के लिए अंश निर्धारण खतौनी तैयार की जाएगी। इसमें नाम और गाटा संख्या के साथ-साथ सबका अंश या हिस्सा भी अंकित होगा। अपर जिलाधिकारी बी. राम ने इसके लिए तहसीलदारों को आदेश जारी कर दिया है। जिले के 139 गांवों की इस वर्ष अंश निर्धारण खतौनी तैयार की जाएगी। आदेश के बाद लेखपाल इस काम में जुट गए हैं।
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इसलिए चुने गए केवल 139 गांव
राजस्व विभाग द्वारा प्रत्येक छह वर्ष पर नई खतौनी तैयार की जाती है। ऐसे में जिन गांवों में खतौनी का समय पूर्ण हो गया है, उन्हीं में अंश निर्धारण खतौनी बनवाई जा रही है। आगे भी जिन गांवों में खतौनी नई तैयार होगी उसमें अंश निर्धारण अवश्य किया जाएगा।
खास-खास
80 हैं जिले में न्याय पंचायतें
552 हैं जिले में ग्राम पंचायतें
812 हैं जिले में राजस्व गांव
तहसीलों को नई खतौनी में अंश निर्धारण अनिवार्य रूप से करने के आदेश दिए गए हैं। इस बार 139 गांवों की नई खतौनी तैयार की जाएगी। प्रतिवर्ष ये सिलसिला जारी रहेगा। - बी.राम, अपर जिलाधिकारी।
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कृषि योग्य भूमि की राजस्व विभाग के पास खतौनी होती है। इसमें गाटा संख्या और मालिकों के नाम दर्ज होते हैं। एक ही परिवार की खतौनी में नाम तो सभी के दर्ज होते हैं, लेकिन उसमें कितना हिस्सा किसका है, ये दर्ज नहीं होता है। इसके कारण बड़े पैमाने पर विवाद होते हैं।
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न्यायालयों में भी 30 प्रतिशत विवाद अंश निर्धारण के ही आते हैं। इन विवादों को कम करने के लिए अंश निर्धारण खतौनी तैयार की जाएगी। इसमें नाम और गाटा संख्या के साथ-साथ सबका अंश या हिस्सा भी अंकित होगा। अपर जिलाधिकारी बी. राम ने इसके लिए तहसीलदारों को आदेश जारी कर दिया है। जिले के 139 गांवों की इस वर्ष अंश निर्धारण खतौनी तैयार की जाएगी। आदेश के बाद लेखपाल इस काम में जुट गए हैं।
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इसलिए चुने गए केवल 139 गांव
राजस्व विभाग द्वारा प्रत्येक छह वर्ष पर नई खतौनी तैयार की जाती है। ऐसे में जिन गांवों में खतौनी का समय पूर्ण हो गया है, उन्हीं में अंश निर्धारण खतौनी बनवाई जा रही है। आगे भी जिन गांवों में खतौनी नई तैयार होगी उसमें अंश निर्धारण अवश्य किया जाएगा।
खास-खास
80 हैं जिले में न्याय पंचायतें
552 हैं जिले में ग्राम पंचायतें
812 हैं जिले में राजस्व गांव
तहसीलों को नई खतौनी में अंश निर्धारण अनिवार्य रूप से करने के आदेश दिए गए हैं। इस बार 139 गांवों की नई खतौनी तैयार की जाएगी। प्रतिवर्ष ये सिलसिला जारी रहेगा। - बी.राम, अपर जिलाधिकारी।