Agra News: आगरा के ये तीन क्षेत्र बनेंगे अब नगर पंचायत, शासन ने डीएम से मांगी रिपोर्ट
खंदौली, आंवलखेड़ा और बरहन नगर पंचायत बनेंगी। शासन ने डीएम से तीनों पंचायतों की रिपोर्ट मांगी है। क्षेत्रीय विधायक ने नगर विकास मंत्री को इसको लेकर प्रस्ताव भेजा था।
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आगरा के एत्मादपुर क्षेत्र की तीन सबसे बड़ी ग्राम पंचायतें खंदौली, आंवलखेड़ा और बरहन नगर पंचायत बनेंगी। शासन ने जिलाधिकारी से तीनों पंचायतों के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। संस्तुति के बाद शासन से प्रस्ताव मंजूर होगा। फिर नई नगर पंचायतों के संबंध में प्रशासन आपत्तियां व सुझाव आमंत्रित करेगा।
जिले में सात नगर पंचायत हैं। पांच नगर पालिका। नगर निगम सहित 13 निकाय हैं। इनके अलावा अब चार नई नगर पंचायतों की कवायद भी शुरू हो गई है। रुनकता को नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव मंजूर हो गया है। इसके अलावा एत्मादपुर क्षेत्र में आंवलखेड़ा, बरहन और खंदौली को नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव क्षेत्रीय विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने नगर विकास मंत्री एके शर्मा को सौंपा था। जिसके बाद शासन के सचिव महावीर प्रसाद ने डीएम आगरा प्रभु एन सिंह से तीनों गांवों को नगर पंचायत बनाने के लिए संस्तुति सहित आख्या मांगी है।
10 हजार से अधिक आबादी
डॉ. धर्मपाल सिंह ने बताया कि तीनों गांवों की आबादी 10 हजार से अधिक है। क्षेत्रफल भी अधिक है। तीनों पंचायतें राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हैं। बरहन में रेलवे जंक्शन हैं। ऐसे में यहां विकास कार्यों को बढ़ावा देने के लिए नगर पंचायत बनाने का प्रस्ताव नगर विकास मंत्री को दिया था। जिसे मंत्री ने नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को भेजा है।
विश्व प्रसिद्ध है आंवलखेड़ा
आंवलखेड़ा गांव विश्व प्रसिद्ध है। गायत्री परिवार के संस्थापक आचार्य श्रीराम शर्मा की जन्म व तपोस्थली होने के कारण हर साल यहां दुनियाभर से लाखों श्रद्धालु आते हैं। श्रीराम शर्मा के विश्व में करोड़ों अनुयायी हैं। ग्रामीण अंचल होने के कारण क्षेत्र विकास कार्यों में उपेक्षा का शिकार होता रहा है।
नगर पंचायत बनने से ये फायदा
- शहर की तरह विकास के लिए अलग से फंड मिलेगा।
- पंचायत अध्यक्ष, सभासद कार्यों का प्रस्ताव बना सकेंगे।
- साफ-सफाई, पेयजल व विद्युत व्यवस्था बेहतर होगी।
- सड़कों का चौड़ी होंगी, सभी बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी।
- हाट बाजार, बस स्टैंड बनेंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज सिस्टम होगा, सामुदायिक भवन होगा।
- स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी, प्राथमिक केंद्र बन सकेगा।