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कासगंज: जिला पंचायत अध्यक्ष का पद हुआ अनारक्षित, दो बार महिला के हाथ में रही है कमान
Fri, 19 Mar 2021 12:06 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 19 Mar 2021 12:06 AM IST
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
हाईकोर्ट के आदेश के बाद पंचायत चुनाव के लिए होने वाले आरक्षण में जिला पंचायत अध्यक्ष पद का आरक्षण बदल गया है। अब जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट अनारक्षित श्रेणी में रखी गई है। अब इस सीट से कोई भी प्रत्याशी चुनाव लड़ सकता है। इससे पहले के दो चुनावों में जिला पंचायत अध्यक्ष की कमान महिला के हाथ में रही है। जिले का गठन वर्ष 2008 में किया गया। इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष का पहला चुनाव वर्ष 2010 में हुआ। उस समय यह सीट अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित की गई।
इसके बाद 2015 के चुनाव में यह पद पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया। वर्ष 2021 में होने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए प्रदेश सरकार ने 12 फरवरी को आरक्षण घोषित कर दिया। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष पद महिला के लिए आरक्षित कर दिया। इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद के दावेदारों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी लेकिन 33 दिन बाद ऐसे दावेदारों को झटका लगा है।
कोर्ट के आदेश के बाद शासन से जिला पंचायत अध्यक्ष पद का नए सिरे से आरक्षण घोषित किया गया है, इसमें जिले को अनारक्षित श्रेणी में रखा गया है। अनारक्षित श्रेणी में आ जाने के बाद पुरुष वर्ग से जो दावेदार मायूस हो गए थे अब उनके चेहरे पर रौनक लौट आई है। ऐसे दावेदारों ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद जीतने के लिए सियासी बिसात बिछाना शुरू कर दी है।
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इसके बाद 2015 के चुनाव में यह पद पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया। वर्ष 2021 में होने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए प्रदेश सरकार ने 12 फरवरी को आरक्षण घोषित कर दिया। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष पद महिला के लिए आरक्षित कर दिया। इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद के दावेदारों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी लेकिन 33 दिन बाद ऐसे दावेदारों को झटका लगा है।
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कोर्ट के आदेश के बाद शासन से जिला पंचायत अध्यक्ष पद का नए सिरे से आरक्षण घोषित किया गया है, इसमें जिले को अनारक्षित श्रेणी में रखा गया है। अनारक्षित श्रेणी में आ जाने के बाद पुरुष वर्ग से जो दावेदार मायूस हो गए थे अब उनके चेहरे पर रौनक लौट आई है। ऐसे दावेदारों ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद जीतने के लिए सियासी बिसात बिछाना शुरू कर दी है।
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जिला पंचायत सदस्य की आरक्षित सीटों की संख्या में नहीं हुआ बदलाव
हाईकोर्ट से आरक्षण के साथ ही आरक्षित सीटों की संख्या को भी नए सिरे से निर्धारित करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन जिले में आरक्षित सीटों की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया गया है। जिले में अनारक्षित सीटें पूर्व की भांति 9 ही रहेंगी जबकि एससी महिला 2, एससी 2, पिछड़ी जाति महिला 2, पिछड़ी जाति 4, सामान्य महिला 4 सीटों पर चुनाव लडेे़ंगी।
शासन से जिला पंचायत अध्यक्ष का पद नए आरक्षण में अनारक्षित श्रेणी में रखा गया है। जिला पंचायत सदस्य की आरक्षित श्रेणी की सीटों की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया गया है। -देवेंद्र सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी
हाईकोर्ट से आरक्षण के साथ ही आरक्षित सीटों की संख्या को भी नए सिरे से निर्धारित करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन जिले में आरक्षित सीटों की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया गया है। जिले में अनारक्षित सीटें पूर्व की भांति 9 ही रहेंगी जबकि एससी महिला 2, एससी 2, पिछड़ी जाति महिला 2, पिछड़ी जाति 4, सामान्य महिला 4 सीटों पर चुनाव लडेे़ंगी।
शासन से जिला पंचायत अध्यक्ष का पद नए आरक्षण में अनारक्षित श्रेणी में रखा गया है। जिला पंचायत सदस्य की आरक्षित श्रेणी की सीटों की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया गया है। -देवेंद्र सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी