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कासगंजः शहर की सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी भाजपा पर पड़ा भारी, इतने वोटों से दी मात
ब्यूरो/अमर उजाला कासगंज
Updated Fri, 01 Dec 2017 11:45 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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भारतीय जनता पार्टी को जिले में तीन निकाय की सीटों पर कामयाबी मिली है, लेकिन शहर की सीट पर भाजपा को निर्दलीय प्रत्याशी ने कड़ी टक्कर देकर चारों खाने चित्त कर दिया। सभी चक्रों की मतगणना में निर्दलीय प्रत्याशी रजनी साहू भाजपा प्रत्याशी पर भारी पड़ीं। जिससे जीत का अंतर लंबा होता चला गया।
गौरतलब है कि शहर सीट पर पिछले दो चुनावों से भारतीय जनता पार्टी का कब्जा था। इन दस वर्षों में भाजपा के राजेंद्र बौहरे और रूप किशोर कुशवाह लगातार चेयरमैन चुने गए। इस बार भाजपा शहर में हैट्रिक बनाने की तैयारी में थी, लेकिन भाजपा की तैयारियों को पलीता लग गया। भाजपा ही नहीं, आम मतदाता भी भाजपा को मिली कड़ी मात से हैरत में हैं।
कड़े मुकाबले में निर्दलीय प्रत्याशी रजनी साहू को भाजपा से ऊपर रहने का पूर्व में आकलन किया जा रहा था, लेकिन यह मामला मामूली मतों के अंतर को लेकर था। जब मत पेटिकाएं खुलीं तो पहले राउंड से ही निर्दलीय प्रत्याशी रजनी साहू की बढ़त बनती चली गई।
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पहले राउंड में करीब 2000 मतों की बढ़त बनी और लगातार बढ़त का यह सिलसिला जारी रहा। पंाचवे राउंड तक जीत का अंतर भाजपा प्रत्याशी के मुकाबले 9905 के आस पास जा पहुंचा। कई वार्डों में भाजपा के सभासद प्रत्याशियों को अच्छे खासे वोट मिले, लेकिन अध्यक्ष प्रत्याशी के इतने वोट नहीं निकले।
इस बात को लेकर भी चर्चाएं होतीं रहीं। कोई पार्टी के बीच अंतर कलह की बात कर रहा था तो कोई भीतरघात की, वहीं कोई वार्डों के प्रत्याशियों के टिकट वितरण के बीच सामंजस्य न बैठाए जाने की बात कर रहा था। कड़ी चुनावी मात से भाजपा नेताओं के बीच एक दूसरे को दोषी बताया जा रहा था।
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गौरतलब है कि शहर सीट पर पिछले दो चुनावों से भारतीय जनता पार्टी का कब्जा था। इन दस वर्षों में भाजपा के राजेंद्र बौहरे और रूप किशोर कुशवाह लगातार चेयरमैन चुने गए। इस बार भाजपा शहर में हैट्रिक बनाने की तैयारी में थी, लेकिन भाजपा की तैयारियों को पलीता लग गया। भाजपा ही नहीं, आम मतदाता भी भाजपा को मिली कड़ी मात से हैरत में हैं।
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कड़े मुकाबले में निर्दलीय प्रत्याशी रजनी साहू को भाजपा से ऊपर रहने का पूर्व में आकलन किया जा रहा था, लेकिन यह मामला मामूली मतों के अंतर को लेकर था। जब मत पेटिकाएं खुलीं तो पहले राउंड से ही निर्दलीय प्रत्याशी रजनी साहू की बढ़त बनती चली गई।
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पहले राउंड में करीब 2000 मतों की बढ़त बनी और लगातार बढ़त का यह सिलसिला जारी रहा। पंाचवे राउंड तक जीत का अंतर भाजपा प्रत्याशी के मुकाबले 9905 के आस पास जा पहुंचा। कई वार्डों में भाजपा के सभासद प्रत्याशियों को अच्छे खासे वोट मिले, लेकिन अध्यक्ष प्रत्याशी के इतने वोट नहीं निकले।
इस बात को लेकर भी चर्चाएं होतीं रहीं। कोई पार्टी के बीच अंतर कलह की बात कर रहा था तो कोई भीतरघात की, वहीं कोई वार्डों के प्रत्याशियों के टिकट वितरण के बीच सामंजस्य न बैठाए जाने की बात कर रहा था। कड़ी चुनावी मात से भाजपा नेताओं के बीच एक दूसरे को दोषी बताया जा रहा था।
हार के बाद जिलाध्यक्ष ने कहा ये
बीजेपी
- फोटो : FILE PHOTO
भाजपा के जिलाध्यक्ष पूर्णेंद्र सोलंकी ने बातचीत में बताया कि यह परिणाम जनता की राय है। छोटे चुनावों में व्यक्तिगत संबंधों की अहम भूमिका होती है। सभी सीटों पर भाजपा कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ाया गया है। जो परिणाम आ रहे हैं उनकी समीक्षा की जाएगी। जिलाध्यक्ष ने कहा कि पहले केवल शहर की सीट पर भाजपा का चेयरमैन चुना गया था,लेकिन अब जिले भर में इसबार तीन निकायों पर भाजपा प्रत्याशी अध्यक्ष चुने गए हैं।
यहां देखें सभी विजेताओं के नाम
http://sec.up.nic.in/eleclive/NewWinnerList.aspx
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निकाय चुनाव प्रभारी का बयान, हम हारे नहीं बढ़े हैं
EVM
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय जनता पार्टी के जनपद के निकाय चुनाव प्रभारी डा. ज्ञान प्रकाश गुप्ता ने शहर की सीट पर हार की बात को टालते हुए कहा कि हम हारे नहीं हैं हम बढ़े हैं। पहले केवल एक सीट पर भाजपा जीती थी लेकिन अब तीन निकाय सीटों पर भाजपा जीती है। उन्होंने प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रत्याशियों का चयन ठीक नहीं हुआ। वहीं उन्होंने चुनावों में विजेता प्रत्याशी पर वोट खरीदने का आरोप लगाया।