कासगंज पहुंचे कांग्रेस नेता राशिद अल्वी: मृतक अल्ताफ के पिता से मिले, कहा- पुलिसवालों पर दर्ज हो हत्या का मुकदमा
कासगंज में पुलिस हिरासत में हुई अल्ताफ की मौत पर विपक्ष ने सरकार और पुलिस को घेरा है। विपक्षी नेताओं का दिनभर पीड़ित परिवार के घर पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। शाम को कांग्रेस नेता राशिद अल्वी यहां पहुंचे। उन्होंने अल्ताफ की मौत को हत्या बताया।
विस्तार
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि अल्ताफ की मौत का मामला हत्या का मामला है। इस मामले में पुलिस वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। प्रशासन ने अल्ताफ के पिता पर दबाव बना रखा है। पुलिस प्रशासन ने पिता से लिखवा लिया कि यह आत्महत्या है। यह शासन के दबाव का बड़ा प्रमाण है।
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी गुरुवार शाम को कासगंज के गांव नगला सैय्यद पहुंचे। उन्होंने अल्ताफ के पिता चांद मियां को ढांढस बंधाया। पत्रकारों से बात करते हुए राशिद अल्वी ने कहा कि वह प्रियंका गांधी के निर्देश पर यहां आए हैं और अपनी रिपोर्ट उन्हें सौंपेंगे। प्रियंका भी यहां आ सकती हैं।
'दबाव में लिखवाई गई मृतक के पिता से चिट्ठी'
उन्होंने बताया कि मृतक के पिता चांद मियां खौफजदा हैं। अल्ताफ पर ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। अल्ताफ के पिता को कैसे पता चला कि यह आत्महत्या है, जबकि वह मौके पर नहीं थे। यह सबसे बड़ा सबूत है कि शासन के दबाव में उनसे चिट्ठी लिखवाई गई। कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि हर हाल में इस मामले में एफआईआर होनी चाहिए। आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए। प्रदेश सरकार को कम से कम 25 लाख रुपये मुआवजा परिवार को देना चाहिए। एक सवाल के जवाब में कहा कि प्रियंका गांधी कभी भी यहां आ सकती हैं।
संबंधित खबर- कासगंज: अल्ताफ की मौत पर फिर बदला पिता का बयान, कहा- पुलिस ने दबाव में लगवाया अंगूठा
यह है मामला
सदर कोतवाली के हवालात में 9 नवंबर को अल्ताफ की मौत हो गई थी। उस पर किशोरी को अगवा करने का आरोप था। उसकी मौत पर एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने बयान दिया था कि युवक ने अपनी जैकेट की डोरी से फांसी लगाकर जान दी। इस मामले को लेकर विपक्षी दल यूपी सरकार को घेरने में जुटे हैं।