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Agra News: तालाब में गिरने से युवक की मौत, कोहराम
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पटियाली। तहसील क्षेत्र के एक गांव में एक युवक की तालाब में गिरने से मौत हो गई। उस समय वह अपने पशुओं के लिए तालाब किनारे चारा काट रहा था। युवक की मौत से परिजन में कोहराम मचा हुआ है। गांव नाथूपुर निवासी प्रभाकर (22) रविवार को अपने पशुओं के लिए गांव से कुछ दूरी पर तालाब किनारे चारा लेने गया था। वह चारा काट रहा था, उसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह तालाब में जा गिरा। वहां मौजूद ग्रामीणों ने उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन जब तक वह उसे बाहर निकालते, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। जब युवक का शव घर पहुंचा तो परिजन में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने घटना की सूचना एसडीएम पटियाली को दी। एसडीएम कुलदीप सिंह नायब तहसीलदार मुकेश कुमार, लेखपाल हरेंद्र सिंह के साथ पुलिस बल को मौके पर भेजा। युवक की वृद्ध मां ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया।
छिन गई बूढ़ी मां के बुढ़ापे की लाठी
खिल्लू खान
पटियाली। मृतक युवक प्रभाकर के पिता चंद्रपाल की मौत की काफी समय पूर्व मौत हो गई थी। उनके बाद से ही प्रभाकर घर की जिम्मेदारी उठाने लगा था। वह दूसरे के खेतों में मजदूरी कर के अपना और अपनी बूढ़ी मां का भरण पोषण कर रहा था। रविवार को जब अपने पशुओं के लिए चारा लेने के लिए तालाब किनारे गया था, तब उसे क्या पता था कि वह अब घर लौटकर नहीं जा पाएगा। न ही उसकी मां को अंदेशा था कि अब उसका लाल जीवित घर नहीं लौट सकेगा। जब प्रभाकर का शव घर आया तो वृद्ध मां अपने बुढ़ापे के सहारे को मृत अवस्था में देखकर वहीं पछाड़ खा कर गिर पड़ी और सदमे में आ गई। अपने युवा पुत्र के मरने का सदमा उसे इतना गहरा लगा कि उसकी आंखों के आंसू सूख गए। बुजुर्ग मां के बुढ़ापे की लाठी को यूं टूटते देखकर वहां मौजूद हर ग्रामीण गमगीन दिखाई दिया।
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छिन गई बूढ़ी मां के बुढ़ापे की लाठी
खिल्लू खान
पटियाली। मृतक युवक प्रभाकर के पिता चंद्रपाल की मौत की काफी समय पूर्व मौत हो गई थी। उनके बाद से ही प्रभाकर घर की जिम्मेदारी उठाने लगा था। वह दूसरे के खेतों में मजदूरी कर के अपना और अपनी बूढ़ी मां का भरण पोषण कर रहा था। रविवार को जब अपने पशुओं के लिए चारा लेने के लिए तालाब किनारे गया था, तब उसे क्या पता था कि वह अब घर लौटकर नहीं जा पाएगा। न ही उसकी मां को अंदेशा था कि अब उसका लाल जीवित घर नहीं लौट सकेगा। जब प्रभाकर का शव घर आया तो वृद्ध मां अपने बुढ़ापे के सहारे को मृत अवस्था में देखकर वहीं पछाड़ खा कर गिर पड़ी और सदमे में आ गई। अपने युवा पुत्र के मरने का सदमा उसे इतना गहरा लगा कि उसकी आंखों के आंसू सूख गए। बुजुर्ग मां के बुढ़ापे की लाठी को यूं टूटते देखकर वहां मौजूद हर ग्रामीण गमगीन दिखाई दिया।
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