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तैयारीः बच्चों के लिए कोरोना अस्पताल में बनाया जाएगा 10 बैड का आईसीयू
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कासगंज। कोविड अस्पताल में बच्चों के लिए 10 बेड का आईसीयू बनाने का प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग ने शासन को भेजा है। जिले में पिछले दस दिनों में 31 बच्चे कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। जिनमें से 7 बच्चे 5 वर्ष तक की आयु के हैं। जबकि शेष बच्चे 14 वर्ष तक की आयु वर्ग के हैं।
डीएम सीपी सिंह के निर्देश पर सीएमओ डॉ. अनिल कुमार ने 10 बेड का आईसीयू वार्ड बनाने का प्रस्ताव शासन को दिया है। इसके अलावा तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए अन्य चिकित्सा इंतजाम भी किए जा रहे हैं। ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। हालांकि चिकित्सकों की कमी आड़े आ रही है। प्रशासन की तमाम कवायद के बाद अभी तक जिले में एनेस्थीसिया चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है। जिले में केवल एक बाल रोग विशेषज्ञ ही तैनात है, जबकि अन्य बाल रोग विशेषज्ञों की तैनाती की जरूरत है।
जिला अस्पताल में तैनात एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि बच्चों के लिए यह लहर बेहद खतरनाक मानी जा रही है। इसलिए बच्चों की सेहत के प्रति अभिभावक गंभीरता दिखाएं। यदि कोई व्यक्ति संक्रमित है तो होम आइसोलेट रहे। स्वयं तो मास्क लगाएं, साथ ही घर में रहकर बच्चों के भी मास्क लगाएं। बच्चों की सेहत अगर दुरुस्त रखनी है तो अनावश्यक घर से न निकलें। सबसे अधिक जोर घर में मास्क लगाने और सामाजिक दूरी पर दें।
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तीसरी लहर से निपटने के लिए शासन की गाइडलाइन मिल गई है। उसके अनुरूप व्यवस्थाएं बनाई जा रही हैं। कोरोना अस्पताल में दस बेड का बच्चों के लिए आईसीयू बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। शासन से स्वीकृृति मिलते ही उपकरणों की व्यवस्था होने पर शीघ्र वार्ड बनाया जाएगा। - डॉ. अनिल कुमार, सीएमओ।
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डीएम सीपी सिंह के निर्देश पर सीएमओ डॉ. अनिल कुमार ने 10 बेड का आईसीयू वार्ड बनाने का प्रस्ताव शासन को दिया है। इसके अलावा तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए अन्य चिकित्सा इंतजाम भी किए जा रहे हैं। ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। हालांकि चिकित्सकों की कमी आड़े आ रही है। प्रशासन की तमाम कवायद के बाद अभी तक जिले में एनेस्थीसिया चिकित्सक की तैनाती नहीं हो सकी है। जिले में केवल एक बाल रोग विशेषज्ञ ही तैनात है, जबकि अन्य बाल रोग विशेषज्ञों की तैनाती की जरूरत है।
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जिला अस्पताल में तैनात एकमात्र बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि बच्चों के लिए यह लहर बेहद खतरनाक मानी जा रही है। इसलिए बच्चों की सेहत के प्रति अभिभावक गंभीरता दिखाएं। यदि कोई व्यक्ति संक्रमित है तो होम आइसोलेट रहे। स्वयं तो मास्क लगाएं, साथ ही घर में रहकर बच्चों के भी मास्क लगाएं। बच्चों की सेहत अगर दुरुस्त रखनी है तो अनावश्यक घर से न निकलें। सबसे अधिक जोर घर में मास्क लगाने और सामाजिक दूरी पर दें।
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तीसरी लहर से निपटने के लिए शासन की गाइडलाइन मिल गई है। उसके अनुरूप व्यवस्थाएं बनाई जा रही हैं। कोरोना अस्पताल में दस बेड का बच्चों के लिए आईसीयू बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। शासन से स्वीकृृति मिलते ही उपकरणों की व्यवस्था होने पर शीघ्र वार्ड बनाया जाएगा। - डॉ. अनिल कुमार, सीएमओ।