कासगंज कांड: एक नहीं कई ‘मोती’ हैं कच्ची शराब के सौदागर, गंगा की खादर में धधकती हैं भट्ठियां
गंगा और काली नदी की खादर के तटवर्ती गांवों में संचालित है अवैध शराब का बड़ा तंत्र
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कासगंज जिले में कच्ची शराब न केवल बिकती है, बल्कि पड़ोसी जनपदों में भी यहां से तस्करी कर पहुंचाई जाती है। यहां के 50 से अधिक गांव गंगा और काली नदी की खादर के ऐेसे हैं, जिनमें दर्जनों शराब की भट्ठियां धधकती हैं। यह काला कारोबार माफिया मोती ही नहीं बल्कि कई लोग करते हैं।
तीन दिन पूर्व सिढ़पुरा के काली नदी की खादर में कच्ची शराब के सौदागर मोती का अवैध शराब का कारोबार संचालित था। यह कारोबार खादर में इस तरह संचालित था कि वहां हर किसी का जाना मुमकिन नहीं। वारदात के समय इसका लाभ शराब माफिया मोती और उसके भाई व अन्य साथियों ने उठाया।
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सिढ़पुरा के नगला धीमर और नगला भिकारी ही नहीं, बल्कि जिले के गांव गंगसारा, अजीतनगर, नरदौली, नगला हीरा, दीवान नगला, खड़ऊआ, नगरिया, मोती नगर, ताली, महदवा, भैंसोरा, मनौटा, अहरौली, पबसरा, महावर, मगथरा श्यामपुर, सेवरनगला, नगला छत्ता, जखेरा जैसे कई इलाकों में कच्ची शराब के सौदागर बैठे हैं।
शराब के कारोबार को जानने वाले लोगों की बात पर भरोसा करें तो जिले में कम से कम कच्ची शराब का कारोबार 4 से 5 करोड़ रुपये के बीच एक वर्ष में हो जाता है। जिले के नगला भंडारी में वर्ष 2014 जहरीली शराब के सेवन से तीन लोगों की जान चली गई थी और कई लोगों की हालत बिगड़ी थी।
319 लोगों पर की गई कार्रवाई
जिला आबकारी अधिकारी श्यामकमल सिंह ने बताया कि कच्ची अवैध शराब को लेकर आबकारी विभाग गंभीर है। निरंतर अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
अब तक 319 आरोपियों के खिलाफ अवैध शराब के मामले में कार्रवाई की गई है। 8 हजार लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद हुई है, 52800 लीटर लहन नष्ट किया गया है। खादर के गांवों में कहां-कहां यह कारोबार हो रहा है, यह चिह्नित करके कार्रवाई लगातार हो रही है।