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Karwa Chauth 2022: सलाखों में कैद सुहागिनें चांद से पहले करेंगी पति का दीदार, एटा जेल में ऐसे मनेगा करवा चौथ

Thu, 13 Oct 2022 10:06 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 13 Oct 2022 10:06 AM IST
सार

एटा जिला कारागार में 19 महिलाओं ने करवा चौथ का व्रत रखा है, इनमें से 11 के पति साथ में निरुद्ध हैं। इनके लिए अलग से व्यवस्था की जा रही है, लेकिन यह रियायत अनुशासन के साथ और सीमित समय के लिए ही मिलेगी।
 

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karwa chauth 2022 women prisoners will celebrate festival special arrangements in etah jail
जिला कारागार एटा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एटा के जिला कारागार में विभिन्न मामलों में निरुद्ध 19 महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए करवाचौथ का व्रत रखेंगी। इनमें से 11 महिलाओं के पति भी जेल में ही निरुद्ध हैं। इस मौके पर उन्हें अपने पति का दीदार का मौका मिलेगा। पर्व को लेकर जेल प्रशासन ने अलग से तैयारियां की हैं।
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जिला कारागार में कुल 53 महिलाएं विभिन्न अपराधों में निरुद्ध हैं। इनमें से 19 महिलाओं ने करवाचौथ पर व्रत रखने की इच्छा जताई है। इनमें 11 महिलाएं ऐसी हैं, जिनके पति भी इसी जेल में निरुद्ध हैं। करवाचौथ व्रत को लेकर उन्हें अपने पति का दीदार कराया जाएगा। शाम होने से पहले उनकी मुलाकात कराई जाएगी। जेल अधीक्षक अमित चौधरी ने बताया कि शाम के समय बैरक बंद हो जाती हैं, इसलिए व्रत खोलने के समय मुलाकात के अभी तक कोई निर्देश नहीं मिले हैं। शाम से पहले इनकी मुलाकात कराई जाएगी। 
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उपलब्ध कराई गई पूजा संबंधी सामग्री

सभी महिला बंदियों के लिए करवा सहित अन्य पूजा संबंधी सामग्री उपलब्ध करा दी गई है। बृहस्पतिवार की शाम व्रत रखने वाली महिलाओं और उनके पति बंदियों के लिए खास व्यंजन बनाए जाएंगे। इसमें पूड़ी, सब्जी के अलावा हलवा और खीर भी रहेगी।
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मैं यहां तू वहां जिंदगी है कहां...

कासगंज रोड स्थित राजकीय वृद्धाश्रम में रह रहे भीम सिंह परिवार को लेकर उदास हैं तो व्रत को लेकर उत्साहित भी। कहते हैं कि दो पुत्र हैं, एक दिल्ली में और एक पैतृक गांव कैला (अलीगंज) में है। बच्चों ने सम्मान नहीं दिया तो पांच साल पहले वृद्धाश्रम चले आए। पत्नी श्यामलता बच्चों के साथ रहती हैं। इसे लेकर उनसे भी मनमुटाव हो गया। बृहस्पतिवार को वह व्रत रख रही हैं। बात हुई और उनके बुलाने पर वहां पहुंचेंगे। शायद इसी बहाने मनमुटाव दूर हो जाएं। कहते हैं कि त्योहार पर पत्नी के लिए कुछ उपहार ले जाना चाहते हैं, लेकिन रुपये नहीं हैं।
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