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शिवमय हुई तीर्थनगरी सोरों, सड़कों पर कांवड़ियों का रेला, बम बम भोले की गूंज
Sun, 21 Jul 2019 10:41 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 21 Jul 2019 10:41 AM IST
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सोरों मार्ग पर कांवड़ियों का जत्था
- फोटो : अमर उजाला
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सावन मास में तीर्थनगरी सोरों की राहें भगवा रंग में रंगी नजर आ रही हैं। हर तरफ बम बम भोले की गूंज है। सावन के पहले सोमवार पर भगवान शिव का गंगाजल से जलाभिषेक करने के लिए कांवड़ियों का सैलाब उमड़ रहा है। सोरों से लहराघाट तक शिवभक्तों की कतारें लगने लगी हैं।
भगवान शिव की पूजा अर्चना के पवित्र माह सावन में भक्ति की लहर चल रही है। दूर दराज के कांवड़िये भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए गंगाजल लेने को गंगाघाट पहुंच रहे हैं। मध्यप्रदेश, ग्वालियर, राजस्थान, भिंड, मुरैना के कांवड़िये इन दिनों तीर्थनगरी में रौनक बढ़ा रहे हैं।
पैरों में बंधे घुंघरूओं की झंकार, कांवड़ में बंधी घंटी की धुन, जुबां पर बम भोले के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो रहा है। शिवभक्तों की टोलियां जल भरकर जोश के साथ आस्था के पथ पर आगे बढ़ रहीं हैं।
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भगवान शिव की पूजा अर्चना के पवित्र माह सावन में भक्ति की लहर चल रही है। दूर दराज के कांवड़िये भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए गंगाजल लेने को गंगाघाट पहुंच रहे हैं। मध्यप्रदेश, ग्वालियर, राजस्थान, भिंड, मुरैना के कांवड़िये इन दिनों तीर्थनगरी में रौनक बढ़ा रहे हैं।
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पैरों में बंधे घुंघरूओं की झंकार, कांवड़ में बंधी घंटी की धुन, जुबां पर बम भोले के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो रहा है। शिवभक्तों की टोलियां जल भरकर जोश के साथ आस्था के पथ पर आगे बढ़ रहीं हैं।
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महिलाएं भी कांवड़ लेकर आईं
सोरों से साज सज्जा की सामग्री खरीदकर कांवड़िये लहरा घाट पर कांवड़ को सजाते नजर आ रहे हैं। जल भरकर लौटते कांवड़िये सोरों के प्राचीन शिवालयों में मत्था भी टेक रहे हैं। कांवड़ियों की टोलियों में महिलाओं की संख्या भी अच्छी खासी है।
मध्य प्रदेश से आए प्रदीप कुमार ने बताया कि वो 500 किलोमीटर दूर से कांवड़ भरने आए हैं। भगवान शिव की आराधना करते हुए पैदल चलकर यात्रा तय करेंगे। अस्तराम मध्यप्रदेश के गांव पिपरौनिया से कांवड़ लेने आए हैं। इनका कहना है कि भगवान शिव की महिमा का गुणगान करते हुए जब राह पर चलते हैं तो पता नहीं चलता कि मंजिल कब आ गई।
वहीं कांवड़ियों की सुरक्षा के लिहाज से बरेली-कासगंज हाईवे रविवार से भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। हाईवे पर ट्रक, बस, ट्रैक्टर-ट्रॉली का आवागमन बंद कर दिया गया। भीड़ भाड़ कम रही तो सोमवार दोपहर बाद हाईवे बड़े वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।
मध्य प्रदेश से आए प्रदीप कुमार ने बताया कि वो 500 किलोमीटर दूर से कांवड़ भरने आए हैं। भगवान शिव की आराधना करते हुए पैदल चलकर यात्रा तय करेंगे। अस्तराम मध्यप्रदेश के गांव पिपरौनिया से कांवड़ लेने आए हैं। इनका कहना है कि भगवान शिव की महिमा का गुणगान करते हुए जब राह पर चलते हैं तो पता नहीं चलता कि मंजिल कब आ गई।
वहीं कांवड़ियों की सुरक्षा के लिहाज से बरेली-कासगंज हाईवे रविवार से भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। हाईवे पर ट्रक, बस, ट्रैक्टर-ट्रॉली का आवागमन बंद कर दिया गया। भीड़ भाड़ कम रही तो सोमवार दोपहर बाद हाईवे बड़े वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।