{"_id":"6427c6fe281aa2438e08af5c","slug":"kamada-ekadashi-2023-banke-bihari-darshan-sitting-in-phol-bungalow-vrindavan-2023-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kamada Ekadashi 2023: कामदा एकादशी पर बंगले में विराजे ठाकुर बांके बिहारी, दर्शन पाकर भक्त हुए निहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kamada Ekadashi 2023: कामदा एकादशी पर बंगले में विराजे ठाकुर बांके बिहारी, दर्शन पाकर भक्त हुए निहाल
Sat, 01 Apr 2023 11:24 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 01 Apr 2023 11:24 AM IST
सार
आराध्य को शीतलता प्रदान करने के लिए फूल बंगले सजाए जाते हैं। कामदा एकादशी से फूल बंगले सजाने का क्रम शुरू होगा और हरियाली अमावस्या तक चलेगा।
विज्ञापन
बांके बिहारी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भले ही अभी बारिश का मौसम है और गर्मी का अहसास नहीं हुआ, परंतु बांके बिहारी मंदिर में प्राचीन परंपरा के अनुसार शनिवार को कामदा (फूलडोल) एकादशी से ठाकुर बांकेबिहारी ने फूल बंगले की छांव में विराजे। एकादशी पर सुंदर और सुगंधित फूलों के बंगले में विराजे ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन पाकर भक्त निहाल हुए।
आराध्य ठाकुर बांके बिहारी को फूलों से सजे बंगले में विराजमान हुए तो संपूर्ण मंदिर उनके जयकारों से गुंजायमान हो उठा। ठाकुरजी के बंगले को गुलाब, गेंदा, मोगरा, चमेली, रायबेली, रजनीगंधा, कुंद, लिली, मिलाइट, टाटा रोज के अलावा विदेशी फूल आर्केट, एंथोरियम, एस्ट्रजल सहित सुगंधित फूलों से सजाया गया। मंदिर प्रांगण में सुंगंधित इत्र का भी छिड़काव किया गया। मंदिर में आ रही भीनी-भीनी सुगंध भक्तों को अपने आराध्य के श्रीचरणों में ले जा रही थी। ठाकुर बांकेबिहारी की अनुपम दर्शन के लिए श्रद्धालु अपलक निहारते रहे। दर्शन का यह क्रम देर रात तक जारी रहा।
ये भी पढ़ें - एटा में विवाहिता की मौत: फंदे से लटका मिला शव, दहेज हत्या का आरोप, दो साल पहले हुई थी शादी
विज्ञापन
विज्ञापन
आराध्य ठाकुर बांके बिहारी को फूलों से सजे बंगले में विराजमान हुए तो संपूर्ण मंदिर उनके जयकारों से गुंजायमान हो उठा। ठाकुरजी के बंगले को गुलाब, गेंदा, मोगरा, चमेली, रायबेली, रजनीगंधा, कुंद, लिली, मिलाइट, टाटा रोज के अलावा विदेशी फूल आर्केट, एंथोरियम, एस्ट्रजल सहित सुगंधित फूलों से सजाया गया। मंदिर प्रांगण में सुंगंधित इत्र का भी छिड़काव किया गया। मंदिर में आ रही भीनी-भीनी सुगंध भक्तों को अपने आराध्य के श्रीचरणों में ले जा रही थी। ठाकुर बांकेबिहारी की अनुपम दर्शन के लिए श्रद्धालु अपलक निहारते रहे। दर्शन का यह क्रम देर रात तक जारी रहा।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - एटा में विवाहिता की मौत: फंदे से लटका मिला शव, दहेज हत्या का आरोप, दो साल पहले हुई थी शादी
विज्ञापन