कार्रवाई: निदेशालय को झूठी रिपोर्ट भेजने पर किशोर संप्रेक्षण गृह के प्रभारी अधीक्षक निलंबित
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किशोर को 29 जनवरी को एटा से सिरौली स्थित किशोर संप्रेक्षण गृह लाया गया था। यहां किशोर की स्वास्थ्य जांच नहीं की गई। उसे रात को खून की उल्टियां हुई हैं। दूसरे दिन एसएन में भर्ती कराया जहां उसकी टीबी विभाग में मौत हो गई।
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चिकित्सकों और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के साथ ही शिकायतों की जांच के बाद संप्रेक्षण गृह अधीक्षक की लापरवाही सामने आने पर उन्हें बाल एवं महिला कल्याण विभाग के निदेशक मनोज राय ने निलंबित किया है। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने अधीक्षक के निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया सिटी मजिस्ट्रेट से पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
डीपीओ से स्पष्टीकरण मांगा
इस मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी लवकुश भार्गव से भी बाल एवं महिला कल्याण निदेशक ने स्पष्टीकरण मांगा है।
किशोर गृह में 10 से 18 साल के 170 किशोर हैं। एटा, अलीगढ़, फिरोजाबाद और मथुरा आदि से निवासी हैं। महफूज बचपन संस्था समन्वयक नरेश पारस ने कहा गृह में कई किशोरों को टीबी हो चुकी है। उनकी जांच नहीं कराई। सभी किशोरों में टीबी फैलने की आशंका है।
चेताने के बाद भी जारी रही लापरवाही
पिछले छह माह में मासिक निरीक्षण के दौरान हर बार संप्रेक्षण गृह में खामियां मिली। जिलाधिकारी व जिला प्रोबेशन अधिकारी को सुधार के लिए चेताया। निर्देश दिए लेकिन लापरवाही जारी रही।
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