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जोंस मिल प्रकरण: सिविल कोर्ट में सरकारी भूमि का तथ्य छुपाया, जांच में आया सामने
Fri, 01 Jan 2021 12:12 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 01 Jan 2021 12:12 AM IST
सार
- स्टांप पर दर्ज नहीं कराई बटवारा डिक्री, शून्य हो गए बैनामे
- तथ्यों को छुपाकर सिविल कोर्ट से 1964 में कराया बटवारा
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जोंस मिल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जोंस मिल में जमीनों की खरीद-फरोख्त अधूरे बटवारे के आधार पर की गईं। बटवारा की अंतिम डिक्री (न्यायिक निर्णय) नहीं बनी। सिविल कोर्ट में सरकारी भूमि का तथ्य भी छुपाया गया। जांच में ये बातें सामने आने के बाद यहां हुए सभी बैनामों को जांच कमेटी ने कानूनी रूप से शून्य घोषित करते हुए जमीनों को बेचने वालों के विरुद्ध भूमाफिया के तहत कार्रवाई अमल में लाई जा रही हैं।
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जोंस मिल की जगह
- फोटो : अमर उजाला
सदर तहसील के मौजा घटवासन स्थित जीवनी मंडी क्षेत्र में जोंस मिल में करीब 100 बीघा जमीन थी। इनमें नजूल, राजकीय आस्थान व सरकारी विभागों की संपत्ति भी शामिल थी। 1964 में सिविल कोर्ट ने मुन्नी लाल मेहरा, हीराल पाटनी और गंभीरमल पाण्डया के हक में जोंस मिल का बटवारा किया। इस बटवारे के आधार पर तीनों ने जमीनें बेचना शुरू किया। तीन पक्षकार व उनके विधिक बारिशों ने करीब 139 बैनामे किए। बैनामों की वैधता को एडीएम प्रशासन ने जांच में खारिज करते हुए कानूनी रूप से बैनामों को शून्य घोषित कर दिया।
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जोंस मिल में सरकारी जमीन
- फोटो : अमर उजाला
एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव की जांच से पता चला कि जिस 1964 के बटवारे के आधार पर बैनामे हुए वह बटवारा ही मान्य नहीं था। बटवारे को उचित स्टांप मूल्य देकर पंजीकृत कराना था। फिर स्टांप पर अंतिम डिक्री बनती, लेकिन ऐसा नहीं किया। जांच रिपोर्ट में मेहरा, पाटनी और पाण्डया पर सिविल कोर्ट को गुमराह कर तथ्य छुपाने के आरोप हैं। जोंस मिल में सरकारी जमीनें होने के कारण प्रशासन भी पक्षकार था, लेकिन बटवारे के समय अदालत से ये तथ्य छुपाया गया। इसलिए बटवारा आदेश राज्य सरकार को पक्ष नहीं बनाने के कारण प्रशासन पर लागू नहीं होता।
जोंस मिल के इस हिस्से में हुआ था ब्लास्ट
- फोटो : अमर उजाला
जमीनें बेचकर कमाई अकूत संपत्तियां
जमीनें बेचकर मुन्नी लाल मेहरा, हीरालाल पाटनी और गंभीरमल पाण्डया पक्ष के लोगों ने अकूत संपत्तियां कमाई। तीनों की मृत्यु के बाद उनके उत्तराधिकारियों ने जमीनें बेचीं। तीनों पर करीब 2696 करोड़ की जमीनों को खुदबुर्द करने का आरोप हैं। इनमें 107 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन शामिल हैं। जिला प्रशासन विक्रेताओं के विरुद्ध भूमाफिया के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। डीएम प्रभु एन सिंह ने तहसीलदार सदर प्रेमपाल सिंह को जमीनों में फर्जीवाड़ा करने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
जमीनें बेचकर मुन्नी लाल मेहरा, हीरालाल पाटनी और गंभीरमल पाण्डया पक्ष के लोगों ने अकूत संपत्तियां कमाई। तीनों की मृत्यु के बाद उनके उत्तराधिकारियों ने जमीनें बेचीं। तीनों पर करीब 2696 करोड़ की जमीनों को खुदबुर्द करने का आरोप हैं। इनमें 107 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन शामिल हैं। जिला प्रशासन विक्रेताओं के विरुद्ध भूमाफिया के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। डीएम प्रभु एन सिंह ने तहसीलदार सदर प्रेमपाल सिंह को जमीनों में फर्जीवाड़ा करने वालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
जोंस मिल में पड़ा मलबा
- फोटो : अमर उजाला
औने-पौने दामों पर खरीदी गईं जमीनें
एक तरफ भूमाफिया को जमीन बेचने की जल्दी थी, दूसरी तरफ औने-पौने दामों पर खरीदार भी तैयार हो गए। एक रुपये की जमीन, 25 पैसे में बिकी। इसमें व्यापारियों के अलावा नेता भी शामिल रहे। जमीन खरीदने वालों से भी प्रशासन ने 15 जनवरी तक साक्ष्य व शपथपत्र के साथ अपना पक्ष रखने को कहा है। पक्ष नहीं रखने पर इन्हें संपत्तियों से प्रशासन बेदखल कर सकता है।
एक तरफ भूमाफिया को जमीन बेचने की जल्दी थी, दूसरी तरफ औने-पौने दामों पर खरीदार भी तैयार हो गए। एक रुपये की जमीन, 25 पैसे में बिकी। इसमें व्यापारियों के अलावा नेता भी शामिल रहे। जमीन खरीदने वालों से भी प्रशासन ने 15 जनवरी तक साक्ष्य व शपथपत्र के साथ अपना पक्ष रखने को कहा है। पक्ष नहीं रखने पर इन्हें संपत्तियों से प्रशासन बेदखल कर सकता है।
जोन्स मिल
- फोटो : अमर उजाला
प्रशासन की बुद्धि-शुद्धि के लिए करेंगे यज्ञ
जोंस मिल में जमीन खरीदने वाले व्यापारियों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघर्ष समिति बनाई है। शुक्रवार को समिति सदस्य जन्नत होटल के पास प्रशासन की बुद्धि शुद्धि के लिए यज्ञ करेंगे।
जोंस मिल में जमीन खरीदने वाले व्यापारियों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघर्ष समिति बनाई है। शुक्रवार को समिति सदस्य जन्नत होटल के पास प्रशासन की बुद्धि शुद्धि के लिए यज्ञ करेंगे।