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जीएसटीएन को दो जगह कैंप आज से
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Fri, 30 Dec 2016 12:19 AM IST
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जीएसटी बिल
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गुड्स एंड सर्विस टैक्स नेटवर्क (जीएसटीएन) में डेटा माइग्रेशन के लिए 16 से 31 दिसंबर तक रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है लेकिन आगरा समेत प्रदेश भर में व्यापारियों को प्रोविजनल आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराने में वाणिज्य कर विभाग फेल रहा। अब वाणिज्य कर कमिश्नर ने बाकी बचे दो दिन में व्यापार संगठनों के साथ शुक्रवार और शनिवार को शहर में दो जगहों पर कैंप लगाकर जीएसटीएन केलिए रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए।
एडीशनल कमिश्नर ग्रेड-1 पीके सिंह के मुताबिक शुक्रवार और शनिवार को सुबह 11:30 बजे से वाणिज्य कर विभाग द्वारा आगरा मंडल व्यापार संगठन केसिकंदरा साइट सी में भूपेंद्र सिंह सोबती के कार्यालय और नामनेर छावनी पंडित जी रिक्शे वाले के कार्यालय में कैंप लगाया जाएगा। 31 दिसंबर को आगरा मंडल व्यापार संगठन के एफ-37, मीनाक्षी टावर, बेलनगंज में भी कैंप लगाया जाएगा, ताकि ज्यादा व्यापारी रजिस्ट्रेशन करा सकें।
एडीशनल कमिश्नर से मिले व्यापारी
वाणिज्य कर एडीशनल कमिश्नर पीके सिंह से आगरा मंडल व्यापार संगठन पदाधिकारियों ने गुरुवार अपराह्न मुलाकात कर रजिस्ट्रेशन तिथि बढ़ाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सेल्स टैक्स से वैट में स्वत: ही नंबर बदल गया था। इस बार भी जीएसटी में यह प्रावधान स्वत: होना चाहिए। व्यापारियों से जो कागजात मांगे जा रहे हैं, वह विभाग पर पहले से मौजूद हैं। कम से कम एक महीने का समय रजिस्ट्रेशन के लिए बढ़ाया जाए। गोविंद अग्रवाल, अध्यक्ष चरनजीत थापर, हरेश अग्रवाल, शिशिर भगत, चंद्रमोहन खंडेलवाल, भूपेंद्र सिंह सोबती, रविंद्र अग्रवाल, अरविंद बंसल, डीसी शर्मा, उपेंद्र वर्मा आदि मौजूद रहे।
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प्रदेश में केवल 28098 आईडी जारी
जीएसटी लागू करने से पहले रजिस्टर्ड डीलरों का डेटा जीएसटीएन में माइग्रेट कराने के लिए सूबे में वाणिज्य कर विभाग को प्रोविजनल आईडी और पासवर्ड जारी करने थे लेकिन आगरा ही नहीं बल्कि प्रदेश भर में केवल 28098 व्यापारियों को ही आईडी और पासवर्ड जारी किए गए। इनमें भी पूरी सूचनाएं केवल 865 व्यापारियों ने ही भरीं। वाणिज्य कर विभाग के कमिश्नर मुकेश कुमार मेश्राम ने वाणिज्य कर अधिकारियों को इसके लिए लापरवाह और जिम्मेदार माना है।
31 जनवरी तक जमा होगी वार्षिक विवरणी
आगरा। नोटबंदी और जीएसटीएन में डेटा ट्रांसफर के कारण व्यापारियों ने वाणिज्य कर विभाग से साल 2015-16 के लिए वार्षिक विवरणी (रूप पत्र 52, 52 ए, 52 बी) को जमा करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाने की मांग की थी। वाणिज्य कर कमिश्नर मुकेश कुमार मेश्राम ने वार्षिक विवरणी की समय सीमा एक महीने बढ़ाते हुए यह 31 जनवरी तय कर दी है। व्यापारियों को इसके बाद आर्थिक जुर्माना और विधिक कार्यवाही झेलनी होगी।
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एडीशनल कमिश्नर ग्रेड-1 पीके सिंह के मुताबिक शुक्रवार और शनिवार को सुबह 11:30 बजे से वाणिज्य कर विभाग द्वारा आगरा मंडल व्यापार संगठन केसिकंदरा साइट सी में भूपेंद्र सिंह सोबती के कार्यालय और नामनेर छावनी पंडित जी रिक्शे वाले के कार्यालय में कैंप लगाया जाएगा। 31 दिसंबर को आगरा मंडल व्यापार संगठन के एफ-37, मीनाक्षी टावर, बेलनगंज में भी कैंप लगाया जाएगा, ताकि ज्यादा व्यापारी रजिस्ट्रेशन करा सकें।
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एडीशनल कमिश्नर से मिले व्यापारी
वाणिज्य कर एडीशनल कमिश्नर पीके सिंह से आगरा मंडल व्यापार संगठन पदाधिकारियों ने गुरुवार अपराह्न मुलाकात कर रजिस्ट्रेशन तिथि बढ़ाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सेल्स टैक्स से वैट में स्वत: ही नंबर बदल गया था। इस बार भी जीएसटी में यह प्रावधान स्वत: होना चाहिए। व्यापारियों से जो कागजात मांगे जा रहे हैं, वह विभाग पर पहले से मौजूद हैं। कम से कम एक महीने का समय रजिस्ट्रेशन के लिए बढ़ाया जाए। गोविंद अग्रवाल, अध्यक्ष चरनजीत थापर, हरेश अग्रवाल, शिशिर भगत, चंद्रमोहन खंडेलवाल, भूपेंद्र सिंह सोबती, रविंद्र अग्रवाल, अरविंद बंसल, डीसी शर्मा, उपेंद्र वर्मा आदि मौजूद रहे।
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प्रदेश में केवल 28098 आईडी जारी
जीएसटी लागू करने से पहले रजिस्टर्ड डीलरों का डेटा जीएसटीएन में माइग्रेट कराने के लिए सूबे में वाणिज्य कर विभाग को प्रोविजनल आईडी और पासवर्ड जारी करने थे लेकिन आगरा ही नहीं बल्कि प्रदेश भर में केवल 28098 व्यापारियों को ही आईडी और पासवर्ड जारी किए गए। इनमें भी पूरी सूचनाएं केवल 865 व्यापारियों ने ही भरीं। वाणिज्य कर विभाग के कमिश्नर मुकेश कुमार मेश्राम ने वाणिज्य कर अधिकारियों को इसके लिए लापरवाह और जिम्मेदार माना है।
31 जनवरी तक जमा होगी वार्षिक विवरणी
आगरा। नोटबंदी और जीएसटीएन में डेटा ट्रांसफर के कारण व्यापारियों ने वाणिज्य कर विभाग से साल 2015-16 के लिए वार्षिक विवरणी (रूप पत्र 52, 52 ए, 52 बी) को जमा करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाने की मांग की थी। वाणिज्य कर कमिश्नर मुकेश कुमार मेश्राम ने वार्षिक विवरणी की समय सीमा एक महीने बढ़ाते हुए यह 31 जनवरी तय कर दी है। व्यापारियों को इसके बाद आर्थिक जुर्माना और विधिक कार्यवाही झेलनी होगी।