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पुराने पन्नों से: 60 वर्ष की हुई जनकपुरी, सीता धाम में बिखरेगी स्वर्णिम आभा; ताजनगरी की परंपरा में है शामिल
Wed, 04 Sep 2024 04:07 PM IST
भूपेन्द्र सिंह
यथार्थ मिश्रा, अमर उजाला, आगरा
यथार्थ मिश्रा, अमर उजाला, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Wed, 04 Sep 2024 04:07 PM IST
सार
ताजनगरी की जनकपुरी 60 वर्ष को गई। सीता धाम में स्वर्णिम आभा बिखरेगी। अब यह आगरा की परंपरा में शामिल हो गई है।
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पुराने पन्नों से: 60 वर्ष की हुई जनकपुरी, सीता धाम में बिखरेगी स्वर्णिम आभा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में 1964 में जनकपुरी का आयोजन शुरू हुआ। उत्तर भारत की प्रमुख और प्रसिद्ध यह जनकपुरी अब 60 साल की हो जाएगी। सबसे पहला आयोजन लोहामंडी में हुआ था। इसके बाद कई स्थानों को जनकपुरी सजाने का मौका मिला। कहीं दो बार तो कहीं तीन बार तक। 60 साल में पहली बार जनकपुरी शाहगंज क्षेत्र में सजाई जाएगी।
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महोत्सव स्थल पर माता सीता के जन्मस्थान जनकपुर का प्रतीकात्मक रूप से चित्रण किया जाता है। साहित्यसेवी आदर्श नंदन गुप्ता बताते हैं कि 1964 में इसे लोहामंडी के नौबस्ता क्षेत्र में सजाया गया था। धीरे-धीरे यह आयोजन लोकप्रिय होता गया। इसे शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित किया जाने लगा। यह परंपरा में शामिल हो गया। कोरोना महामारी के दौरान साल 2020 और 2021 में जनकपुरी का आयोजन नहीं किया गया।
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होटल में बनाया गया था मुख्यालय
साल 1985 में पहली बार श्रीराम बरात को होटल में ठहराया गया। जनकपुरी का मुख्यालय पहली बार होटल के अंदर बनाया गया था। यह खबर अमर उजाला संस्करण में 11 अक्तूबर, 1985 के अंक में प्रकाशित हुई थी।पिछले 23 साल के जनकपुरी स्थल
- नेहरू नगर— वर्ष 2000
- विभव नगर— वर्ष 2001
- बल्केश्वर— वर्ष 2002, 2006, 2010, 2016
- लॉयर्स कॉलोनी— वर्ष 2003
- कमला नगर— वर्ष 2004, 2008, 2013
- विजय नगर— वर्ष 2005, 2018
- गांधी नगर— वर्ष 2007, 2015
- आवास विकास कॉलोनी- वर्ष 2009, 2017
- खंदारी— वर्ष 2011
- जयपुर हाउस— वर्ष 2012
- दयालबाग— वर्ष 2014, 2022
- निर्भय नगर— वर्ष 2019
- संजय प्लेस— वर्ष 2023