{"_id":"5ab4bebf4f1c1bb8758b70f4","slug":"it-is-not-possible-to-make-fake-driving-license","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"DL बनवाना है तो जान लें ये नई प्रक्रिया, गलती हुई तो जीवनभर पछताएंगे आप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
DL बनवाना है तो जान लें ये नई प्रक्रिया, गलती हुई तो जीवनभर पछताएंगे आप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 23 Mar 2018 02:15 PM IST
विज्ञापन
डेमो इमेज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ड्राइविंग लाइसेंस में अब किसी तरह का फर्जीवाड़ा नहीं चल सकेगा। सारथी 4.0 के राष्ट्रीय सर्वर से जुड़ने के बाद अब एक ही नंबर के दो लाइसेंस होने पर दोनों ही निरस्त हो जाएंगे। इस तरह के दो मामले आरटीओ में आए।
दोनों ही मामलों में आवेदक के लाइसेंस नंबर समान थे। ऐसे में सारथी 4.0 में दोनों ही लाइसेंस निरस्त हो गए। इस तरह एक ही नंबर के दो लाइसेंस के मामले होने के बाद आवेदक भविष्य में अपना लाइसेंस भी नहीं बनवा सकेंगे।
आरटीओ में पांच मार्च से सारथी 4.0 साफ्टवेयर पर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने, नवीनीकरण करने समेत अन्य कार्य किए जा रहे हैं। इसमें कई तरह की दिक्कतें भी आ रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
दोनों ही मामलों में आवेदक के लाइसेंस नंबर समान थे। ऐसे में सारथी 4.0 में दोनों ही लाइसेंस निरस्त हो गए। इस तरह एक ही नंबर के दो लाइसेंस के मामले होने के बाद आवेदक भविष्य में अपना लाइसेंस भी नहीं बनवा सकेंगे।
विज्ञापन
आरटीओ में पांच मार्च से सारथी 4.0 साफ्टवेयर पर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने, नवीनीकरण करने समेत अन्य कार्य किए जा रहे हैं। इसमें कई तरह की दिक्कतें भी आ रही हैं।
विज्ञापन
नये साफ्टवेयर में संशोधन की कोई गुंजाइश नहीं होने के कारण आवेदकों को पहले ही आगाह कर दिया जाता है कि फार्म भरते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें, एक बार गलती होने पर उसमें किसी तरह का बदलाव करने का मौका नहीं मिल सकेगा।
इसके साथ एक ही नंबर के दो लाइसेंस निकलने पर भी मुश्किल खड़ी हो सकती है। दिगनेर रोड, आगरा निवासी लक्ष्मण प्रसाद अपना लाइसेंस नवीनीकरण कराने आए थे।
जब उन्होंने प्रक्रिया पूरी कर लीं तो साफ्टवेयर में उनकी लाइसेंस संख्या और गुड़गांव के पार्श्वनाथ एग्जोटिका, सेक्टर 55 निवासी उर्मिला सिंह का ड्राइविंग लाइसेंस संख्या एक ही निकली।
इसके साथ एक ही नंबर के दो लाइसेंस निकलने पर भी मुश्किल खड़ी हो सकती है। दिगनेर रोड, आगरा निवासी लक्ष्मण प्रसाद अपना लाइसेंस नवीनीकरण कराने आए थे।
जब उन्होंने प्रक्रिया पूरी कर लीं तो साफ्टवेयर में उनकी लाइसेंस संख्या और गुड़गांव के पार्श्वनाथ एग्जोटिका, सेक्टर 55 निवासी उर्मिला सिंह का ड्राइविंग लाइसेंस संख्या एक ही निकली।
फर्जी लाइसेंस बनवाना संभव नहीं
इस पर साफ्टवेयर पर दोनों ही लाइसेंस निरस्त हो गए। इसी तरह का एक और मामला आया तो उसमें भी साफ्टवेयर ने ही दोनों लाइसेंस निरस्त कर दिए।
आरआई सुधीर वर्मा ने बताया कि जहां भी सारथी 4.0 चल रहा है, उन सभी जिलों के सर्वर एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। ऐसे में एक ही नंबर के लाइसेंस होने पर लाइसेंस स्वत: ही निरस्त हो जाएगा। ऐसे लोग दोबारा लाइसेंस नहीं बनवा सकेंगे।
आरटीओ अधिकारियों का कहना है कि सिस्टम के आनलाइन होने के बाद फर्जी लाइसेंस बनवाना संभव ही नहीं हो सकेगा। अगर किसी व्यक्ति का लाइसेंस राजस्थान में आनलाइन बन चुका है।
वह पता बदलकर आगरा में नया लाइसेंस बनवाएगा तो नहीं बन सकेगा, क्योंकि उसका नंबर साफ्टवेयर में आ जाएगा। ऐसे में आवेदक को पहले राजस्थान से अनापत्ति प्रमाण पत्र लाना होगा। इसके बाद ही लाइसेंस बन सकेगा।
आरआई सुधीर वर्मा ने बताया कि जहां भी सारथी 4.0 चल रहा है, उन सभी जिलों के सर्वर एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। ऐसे में एक ही नंबर के लाइसेंस होने पर लाइसेंस स्वत: ही निरस्त हो जाएगा। ऐसे लोग दोबारा लाइसेंस नहीं बनवा सकेंगे।
आरटीओ अधिकारियों का कहना है कि सिस्टम के आनलाइन होने के बाद फर्जी लाइसेंस बनवाना संभव ही नहीं हो सकेगा। अगर किसी व्यक्ति का लाइसेंस राजस्थान में आनलाइन बन चुका है।
वह पता बदलकर आगरा में नया लाइसेंस बनवाएगा तो नहीं बन सकेगा, क्योंकि उसका नंबर साफ्टवेयर में आ जाएगा। ऐसे में आवेदक को पहले राजस्थान से अनापत्ति प्रमाण पत्र लाना होगा। इसके बाद ही लाइसेंस बन सकेगा।